आकाश विजयवर्गीय की मांग- मंत्री सज्जन वर्मा की सीबीआई जांच कराएं सीएम

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इंदौर : भाजपा महासचिव कैलाश विजयविर्गीय के विधायक बेटे आकाश विजयवर्गीय द्वारा निगम अधिकारी की बल्ले से पिटाई किए जाने के बाद काफी बवाल मचा हुआ है। हालांकि आकाश को इस मामले में भोपाल कोर्ट से जमात मिल गई है। जिसके बाद विधायक आकाश विजयवर्गीय ने एक वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा है और शहर में तोड़े जा रहे मकानोें को लेकर मंत्री सज्जम सिंह वर्मा की सीबीआई जांच करवाने की मांग की है।

आकाश ने कहा कि नगर निगम उस जर्जर मकान को मंगलवार को तोड़ने वाला है जिसके कारण मेरा और नगर निगम अधिकारी का विवाद हुआ था। कई बार निवेदन करने के बाद भी और विधायक होने के नाते भी नगर निगम द्वारा कोई जानकारी आधिकारिक रूप से नहीं मिली है।

भाजपा विधायक ने कहा, 15 मार्च को विधानसभा में नगरीय निकाय का सदस्य होने के नाते मैं एक बैठक में शामिल हुआ था जब मेरे पास फोन आया कि सज्जन सिंह वर्मा और उनके उनके भाइयों ने एक तीन मंजिला मकान की फर्जी रजिस्ट्री बना ली है और वह नगर निगम और कमिश्नर आशीष सिंह के साथ साठ-गांठ कर उस मकान को तुडवा रहे है। मैं भोपाल में था, फोन पर रोकने का काफी प्रयास किया लेकिन अधिकारी और कमिश्नर की ने एक नहीं सुनी और उस मकान को धराशाई कर दिया।

बीजेपी विधायक ने कहा, उस मकान में 8 परिवार रहते थे, उन्हें बेघर कर दिया गया। उसके बाद कई ऐसे मामले सामने आए जब सज्जन वर्मा के किसी न किसी रिश्तेदार ने इस तरह की रजिस्ट्री हासिल की और उस मकान को गिरा दिया। 21-22 जून को मन्नू वर्मा नामक उनके कोई रिश्तेदार ने एक और मकान तुडवाया और इसके पुख्ता सबूत है।

आकाश ने कहा, मुझे ये बात जानकार खुशी हुई कि जब मैं जेल में था तो सज्जन वर्मा ने कहा कि वह सीबीआई जांच कराने के लिए तैयार है। मैं उन्हें चैलेंज करता हूं कि यदि उनमे दम है तो वह इस मामले की सीबीआई जांच के लिए केंद्र सरकार से मांग करें। मैंने मुख्यमंत्री कमलनाथ के पास सीबीआई जांच की मांग को लेकर एक आवेदन भेजा है। मेरे पास और भी सबूत है। उन्हें ये भी निवेदन करता हूं कि यदि वह सीबीआई जांच के लिए केंद्र सरकार से मांग करते है और इसमें वह बेगुनाह साबित हो जाते है तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा और जैसा वो बोलेंगे वैसा करुंगा। जब प्रशासन और पुलिस दोनों गरीबों के खिलाफ काम कर रही है तो लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ मीडिया की भी जिम्मेदारी बनती है कि वो इन गरीबों की मदद करें।

गौरतलब है कि बीते दिनों शहर के गंजी कंपाउंड स्थित एक जर्जर मकान को निगम तोड़ने पंहुचा था। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक आकाश विजयवर्गीय भी वहां पर आ पंहुचे थे और निगम अधिकारी की बल्ले से पिटाई कर दी थी। जिससे बड़ा राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया था और आकाश को हिरासत में ले लिया गया था। हालंाकि उन्हे भोपाल कोर्ट से जमानत पर रिहा कर कर दिया गया था।

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