खुद को कलेक्टर मनीष सिंह का करीबी बताना भृत्य को पड़ा महंगा, निर्वाचन शाखा में किया गया अटैच

स्कूल की मान्यता दिलवाने के नाम पर रिश्वत की मांग करने पर कलेक्टर मनीष सिंह ने कार्यवाही करते हुए भत्य को जिला निर्वाचन कार्यालय में पदस्थ किया है।

जिला कलेक्टर मनीष सिंह ने बड़ी कार्यवाही करते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के एक भृत्य को स्कूल शिक्षा विभाग के निर्वाचन शाखा में पदस्थ कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह भृत्य स्वयं को कलेक्टर का करीबी बताता था और अन्य कर्मचारियों पर रोब झाड़ता था। प्राइवेट स्कूल की मान्यता के नवीनीकरण को लेकर जब वसूली करने की शिकायत कलेक्टर को मिली। जिसके बाद कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी मंगेश व्यास पर भी कार्यवाही करते हुए निर्वाचन कार्यालय में तलब किया और स्कूल की मान्यता जल्द से जल्द नवीनीकृत किए जाने के आदेश दिए।

Must Read- बड़े भैया के अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ा, हजारों नागरिकों ने पहुंच कर दी श्रद्धांजली
लेकिन इसके बाद कलेक्टर मनीष सिंह को प्राइवेट स्कूल के संचालकों ने गुरुवार को पुनः इस बात की जानकारी दी कि मान्यता के मामले में वसूली करने वाला एक भृत्य फरीद खान भी है। जो इस मामले में शामिल है और कार्यवाही से बच गया है। उस पर अभी तक किसी तरह की कार्यवाही नहीं हुई है। जिसके बाद कलेक्टर ने फरीद खान पर भी कार्यवाही करते हुए उसे भी निर्वाचन शाखा में अटैच कर दिया।