डीएवीवी कुलपति नरेंद्र धाकड़ बर्खास्त

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भोपाल। भ्रष्टाचार के खिलाफ कमलनाथ सरकार के उच्चशिक्षा मंत्री जीतू पटवारी लगातार अपना कड़ा रुख दिखाते आ रहें हैं, इसी के चलते इंदौर में देवी अहिल्या विश्वविध्यालय में आ रहीं भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन की जाँच के दौरान शिकायतों को प्रमाणित पाते हीं सख्त कार्यवाही कर धारा 52 लगा कर कुलपति नरेन्द्र धाकड़ को बर्खास्त कर दिया हैं।

बता दे कि प्रदेश में बीजेपी सरकार के दौरान से ही कुलपति के खिलाफ नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मोर्चा खोल रखा था। वहीं उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी पर भी कुलपति को हटाने का दबाव था। लेकिन वह काफी दिनों से कुलपति को बचाए हुए थे।

वहीं आज राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए धारा 52 का उपयोग किया और कुलपति को बर्खास्त कर दिया है। वहीं एक दिन पूर्व हुई सीईटी में गड़बड़ी के मामले ने भी तूल पकड़ लिया था और इसको लेकर काफी हंगामा भी हुआ था।जिसके बाद डीएवीवी की साख पर भी सवाल खड़़े होना शुरू हो गए थे।

मालूम हो कि कुलपति धाकड़ को करीब तीन साल पहले कुलपति बनाया गया था। लेकिन पह बीते कुछ माह से विवादों के घेरे में थे। वहीं सीईटी में हुई गड़बड़ी के बाद जमकर बवाल हुआ और आखिरकार धारा 50 का उपयोग कर उन्हे बर्खास्त कर दिया गया। बताया जा रहा है कि अब खाली पड़क कुलपति के पद को संभालने के लिए आज शाम तक प्रभारी कुलपति के नाम का फैसला हो सकता है।

बताया जा रहा है कि मंत्री पटवारी की पसंद से किसी वरिष्ठ प्रोफेसर को प्रभारी कुलपति बनाया जा सकता है जिसमें एसपी सिंह और प्रो. अशोक शर्मा के नाम सबसे आगे है। खबरों की माने तो कुलपति को बर्खास्त करने के पीछे एबीवीपी और एनएसयूआई का हाथ बताया जा रहा है। चर्चा ये भी इन दोनों छात्र संगठनों ने ही मंत्री पटवारी पर दबाव बनाा था।

बताया जा रहा है कि उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी के पसंद से ही वरिष्ठ प्रोफेसर का ही नाम शाम तक किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार विश्वविद्यालय के नए कुलपति के रूप में प्रो. एसपी सिंह और प्रो. अशोक शर्मा के नाम सबसे आगे है। इस बर्खास्त के पीछे भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ के नेताओं के साथ युवक कांग्रेस नेताओं का भी हाथ बताया जा रहा है जिन्होने मंत्री जीतू पटवारी पर नरेंद्र धाकड़ को हटाने का प्रेशर किया।

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