इस आयुर्वेदिक जड़ीबूटी से अपने बालों को प्राकर्तिक रूप से करें काला, जानें विधि

बालों की खूबसूरती आपकी सुंदरता को बढ़ा देता है। लेकिन यदि बाल काले से सफ़ेद हो जाते है तो आपको इसकी टेंशन बढ़ जाती है। इसलिए आपको बालो को कलर करने के लिए टेंशन और भी ज्यादा बढ़ जाती है।

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बालों की खूबसूरती आपकी सुंदरता को बढ़ा देता है। लेकिन यदि बाल काले से सफ़ेद हो जाते है तो आपको इसकी टेंशन बढ़ जाती है। इसलिए आपको बालो को कलर करने के लिए टेंशन और भी ज्यादा बढ़ जाती है। इस झंझट से बचने के लिए आज हम आपके लिए बालों को काला करने का एक बेहतरीन उपाय लेकर आए है। जी हाँ और उस एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी का नाम है जटामांसी या स्पाइक नार्ड। जटामांसी के उपयोग से बालों को प्राकृतिक रूप से काला किया जा सकता है। तो चलिए जानते है इसके बारे में।

इन चीज़ों में करता है मदद-

बालों को बढ़ता है – जटामांसी बालों को काला करने के अलावा बालों की लम्बाई भी बढ़ाने में मदद करती है। दरअसल, जटामांसी में ऐसे कम्पाउंड्स होते हैं, जो हेयर ग्रोथ बढ़ाने में मदद करते हैं।

नैचुरल हेयर कलर – आयुर्वेद में जिन भी औषधियों का उपयोग बालों को काला करने के लिए किया जाता है उनमें से एक है जटामांसी। ये सबसे अधिक प्रभावी माना जाता है। ये बालों को काला बनाने के अलावा और भी तरीकों से बालों को फायदा पहुंचाता है। दरअसल, नैचुरल होने की वजह से इनके कोई साइड-इफेक्ट्स नहीं होते। इसीलिए, इन्हें निश्चिंत होकर इस्तेमाल किया जा सकता है।

विधि – बाज़ार में आंवला, जटामांसी और शिकाकई जैसी औषधियां बोतल में भरकर बेची भी जाती हैं। आप भी यही तरीका इस्तेमाल कर सकते हैं। एक शीशी या कांच के डिब्बे में जटामांसी के टुकड़े भरें। इस बोतल में नारियल का तेल या अपनी पसंद का कोई तेल डालें। 2-3 दिन तक बोतल को यूं ही रख दें। कटोरी में जमा तेल से बालों की मसाज करें।

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