ताजा जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश (UP) के सिद्धार्थनगर (Siddharthnagar) के इटवा तहसील क्षेत्र स्थित सोनौली नानकार के पास बूढ़ी राप्ती नदी नदी पर बना अशोगवा-मदरहवा बांध लगातार हो रही बारिश और राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह से टूट गया। इस बाँध के टूटने की वजह से इलाके के सौ से अधिक गांव जलमग्न हो गए हैं और इसके प्रभाव से इलाके के हजारों निवासी अपने घरों से सामान बटोर कर किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर जाने को मजबूर हो रहे हैं।

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हजारों बीघा की फसल बर्बाद

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बूढ़ी राप्ती नदी नदी पर बना अशोगवा-मदरहवा बांध टूटने की वजह से सिद्धार्थ नगर के इस इलाके में पड़ने वाले हजारों बीघा खेतों की फसल जलभराव की वजह से बर्बादी की कगार पर पहुंच चुकी है। अनुमान के हिसाब से इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के कारण करोड़ों रुपए का नुकसान इलाके के किसानों और प्रशासन को उठाना पड़ा है।

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लोगों ने सिंचाई विभाग पर लगाए आरोप

बूढ़ी राप्ती नदी नदी पर बना अशोगवा-मदरहवा बांध टूटने के बाद क्षेत्र के निवासियों में स्थानीय प्रशासन और सिंचाई विभाग के ऊपर ढीलपोल के आरोप लगाए गए हैं। सोनौली नानकार के प्रधान तेज प्रताप जायसवाल ने इस दुर्घटना के लिए सिंचाई विभाग को दोषी ठहराया गया है। उन्होंने बताया कि हमारे द्वारा इस खतरे का पूर्वानुमान होने पर हमनें सिंचाई विभाग को इसकी पूर्व सुचना देकर खतरे से अवगत कराया था, परन्तु सिंचाई विभाग का कोई भी अधिकारी इस मामले की जाँच करने नहीं आया।