दिल्ली में मासूम खतरे में, रोजाना 2 बच्चियों से दुष्कर्म

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दिल्ली : महिलाओं से बढ़ते बलात्कार और गैंग रेप के मामलों में राजधानी दिल्ली नंबर एक बना हुआ है, एक रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली में रोज दो मासूम दरिंदगी का शिकार होती है।

दिल्ली पुलिस ने जनवरी से अप्रैल माह तक के आकंड़े जारी किये है, जिसके अनुसार दिल्ली में हर दिन दो मासूम दुष्कर्म का शिकार होती है ।

इन आकंड़ो के बाद विशेषज्ञों का कहना है कि बलात्कार की शिकार पीड़ितोंओं के लिए पुनर्वास नीती बनाई जानी चाहिए, महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल का कहना है कि बलात्कार के मामलों में पुलिस को गंभीरता दिखानी चाहिए ताकि दुष्कर्म की शिकार पीड़िताओं को न्याय मिल सके।

उन्होंने आगे कहा की महिला जांचकर्मी की कमी के चलते भी कई केस पेंडिग पड़े हैं, इससे पीड़ित बच्चें दबाब में बने रहते है कई बार तो माता पिता भी बच्चों को इन गलितयों का जिम्मेदार मानते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए आयोग ने दुष्कर्म पीडितिओं के जीवन को पुनर्निर्माण करने के लिए नई नीती की जरूरत बताई है।

जनवरी से अप्रैल तक 282 केस दर्ज हुए 
दिल्ली पुलिस के आकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में दिल्ली में इस साल 282 यौन उत्पीड़न के मामले दर्ज किये गए, जबकि पिछले साल 278 मामले दर्ज हुए थे।

आपको बता दे अप्रैल में गाजियाबाद के मदरसे में 10 वर्षीय मासूम से एक आरोपी ने दोस्ती कर उसके साथ दुष्कर्म किया था। इस घटना को एक महीना हो बीत चूका है लेकिन पीड़िता अभी तक सहमी हुई है, उसके माता पिता का कहना है की वह अब घर से निकलती नहीं है ।