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आज होगा पूर्व कप्तान का अंतिम संस्कार

Posted on: 16 Aug 2018 12:28 by shilpa
आज होगा पूर्व कप्तान का अंतिम संस्कार

Sad moment for Indian cricket to lose one of its most successful captains.

अजित वाडेकर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान थे. मुंबई के जसलोक में 77 साल की उम्र में उनका निधन हो गया है। वाडेकर काफी समय से बीमार चल रहे थे। आपको बता दें कि वाडेकर की गिनती भारत के सबसे सफल कप्तानों में होती है.

भारतीय एकदिवसीय क्रिकेट टीम के वे पहले कप्तान थे. अजीत वाडेकर का जन्‍म 1 अप्रैल 1941 में मुंबई में हुआ था.उनके परिवार में पत्नी रेखा के अलावा दो बेटे और एक बेटी है. वाडेकर ने 1966 से 1974 तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला. उन्होंने अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट की शुरुआत 1958 में की थी, जबकि अंतरराष्‍ट्रीय करियर की शुरुआत 1966 में की थी.

पूर्व कप्तान अजित वाडेकर ने कल मुंबई के जसलोक में अंतिम सांस ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अजीत वाडेकर की मौत पर ट्वीट किया. उन्होंने लिखा, ‘अजीत वाडेकर को भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान के लिए हमेशा याद किया जाएगा. एक महान बल्लेबाज और शानदार कप्तान, उन्होंने हमारी टीम का नेतृत्व किया और हमारे क्रिकेट इतिहास को सबसे यादगार पल दिए. उनका एक प्रभावशाली क्रिकेट प्रशासक के तौर पर भी काफी सम्मान है. उनके निधन से दुख है.’

अपने खेल जीवन में,1971 में अजीत वाडेकर ने इंग्लैंड में अपनी पहली टेस्ट सीरीज फतह की. 3 टेस्ट मैचों की सीरीज को भारत ने 1-0 से जीता था. इस सीरीज में लॉ‌र्ड्स और ओल्ड ट्रेफर्ड में खेले गए शुरुआती दोनों टेस्ट ड्रॉ रहे, लेकिन ओवल टेस्ट में भारतीय टीम ने पहली पारी में 71 रनों से पिछड़ने के बावजूद मेजबान टीम को चार विकेट से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की.

भारत ने भगवत चंद्रशेखर के छह विकेटों की मदद से दूसरी पारी में इंग्लैंड को महज 101 रनों पर ढेर कर दिया. इस सीरीज में चंद्रशेखर के अलावा गुंडप्पा विश्वनाथ, बिशन सिंह बेदी, दिलीप सरदेसाई, एस वेंकटराघवन और युवा सुनील गावस्कर शामिल थे.

इस सीरिज में रिकॉर्ड जित हासिल करते हुए भारत की ओर से कप्तान अजीत वाडेकर ने सबसे ज्यादा 204 रन बनाए, जबकि एस वेंकटराघवन ने सबसे ज्यादा 13 विकेट हासिल किए.

अजित वाडेकर भारतीय क्रिकेट टीम के सफल कप्तान थे। वह बाएं हाथ के बल्लेबाज व कुशल फील्डर थे. उनका अंतररराष्ट्रीय करियर 8 वर्ष का रहा. वे एकमात्र ऐसे कप्तान थे, जिन्होंने लगातार 3 सीरीज में टीम को जीत दिलाई. जिसमे वेस्टइंडीज और इंग्लैंड की धरती पर भारत की जीत शामिल है.

अपने शानदार करिअर में वाडेकर ने 37 टेस्ट मैच खेले, जिनमें 31.07 की औसत से 2113 रन बनाए. वाडेकर चार बार 90 या अधिक रन बनाकर आउट हुए, पर शतक पूरा नहीं कर सके थे.1967-68 में न्यूजीलैंड के विरुद्ध उन्होंने अपना एकमात्र शतक लगाया था, उन्होंने143 रन बनाए थे.

वाडेकर 1990 के दशक में मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी के दौरान भारतीय टीम के मैनेजर भी रहे थे. वह बाद में चयन समिति के अध्यक्ष भी रहे.वह भारतीय एकदिवसीय क्रिकेट टीम के पहले कप्तान थे. उन्होंने हालांकि दो मैच ही खेले.

वाडेकर ने कुल 18 दलीप ट्रॉफी मैच खेले जिनमें 6 में वह वेस्ट जोन के कप्तान रहे. इंग्लैंड के 1967 के दौरे पर काउंटी मैचों में 835 रन बनाए. घरेलू क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन काफी अच्छा रहा था. उन्होंने 1966-67 के रणजी ट्रॉफी मैच में 323 का सर्वश्रेष्ठ स्कोर मैसूर के विरुद्ध बनाया था. उन्होंने 6 बार बंबई टीम की कप्तानी भी की.

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