इंदौर में अराजकता की स्थिति पैदा कर रहे कांग्रेसी: भाजपा

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इंदौर: भारतीय जनता पार्टी नगर अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा ने वरिष्ठ भाजपा नेताओं के साथ भाजपा कार्यालय पर सम्माननीय पत्रकार बंधुओं से चर्चा करते हुए कहा कि पिछले 15 दिनों के इंदौर शहर के घटनाक्रम को देखा जाए तो 13 जून को कांग्रेसी गुंडों ने प्रशासन से मिलकर षड्यंत्रपूर्वक संवैधानिक संस्था नगर निगम परिषद की बजट बैठक में आक्रमणकारी के रूप में घुसकर वहां मारपीट और हंगामा किया था। उसके पूर्व इसी दिन नगर निगम परिषद के सम्मेलन स्थल के ठीक नीचे घंटों तक अवैध रूप से धारा 144 लगी होने के बावजूद बड़ी संख्या में लाउडस्पीकर लगाकर तथा मंच बनाकर कांग्रेसियों ने हंगामा खड़ा किया एवं अवैध रूप से गुंडों का जमाव किया।

दूसरी घटना कल इंदौर के कलेक्टर परिसर में हुई जिसमें कलेक्टर कोर्ट में कांग्रेस के नेताओं ने एक नेता का जन्मदिन मनाया। इसी तरह तीसरी घटना अवैध प्रक्रिया का पालन करते हुए मकान खाली कराने के उद्देश्य के साथ मकान मालिक के आवेदन पर एक मकान को अवैध रूप से खतरनाक घोषित कर तोड़ने की नगर निगम के कुछ अधिकारियों ने कांग्रेस के भू माफियाओं से मिलकर साजिश रची।

उक्त मकान में रह रहे किरायेदारों के साथ जिसमें महिलाएं भी शामिल है, उनके साथ मारपीट की गई, उनकी बेइज्जती की गई, उनके साथ अभद्र व्यवहार गाली गलौज किया गया। घटना की जानकारी मिलने पर विधायक आकाश विजयवर्गीय उस स्थल पर पहुंचे, वहां पर अधिकारियों से उनका विवाद हुआ, अधिकारियों ने विधायक से भी अभद्र व्यवहार किया और उनकी विधायकी को लेकर टिप्पणियां भी की।

उपरोक्त तीनों प्रकरणों में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता जब पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे तो इंदौर की महापौर को भी घंटों तक थाने पर धरना देना पड़ा और उसके बावजूद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। वैसे ही कल की घटना में पीड़ित महिलाओं ने भी अपने साथ हुए अत्याचार की रिपोर्ट लिखाने की कोशिश की तो उन्हें भी थाने से धक्के देकर बाहर कर दिया गया। आकाश विजयवर्गीय भी उनके साथ अधिकारियों द्वारा किए गए दुर्व्यवहार की रिपोर्ट लिखाने के लिए थाने गए थे, लेकिन लगातार 2 घंटे तक इंतजार के बाद भी उनकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई और उसी समय नगर निगम के कुछ कर्मचारियों की रिपोर्ट के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया गया।

कलेक्टर कोर्ट में जन्मदिन मनाने वाले स्पष्ट चेहरे दिखने के बाद भी इन कांग्रेस के नेताओं के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट करने के बजाएं कांग्रेस के जबरदस्त दबाव में अज्ञात लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई। आपने कहा कि उपरोक्त सभी घटनाएं सिद्ध करती है कि नगर निगम सहित इंदौर का संपूर्ण प्रशासन जिसमें पुलिस तथा कलेक्टर एवं उनके अधीनस्थ अधिकारी भी शामिल है। ये कमलनाथ की कांग्रेस सरकार के दबाव में अवैध क्रियाकलाप में रत है तथा कांग्रेसियों के साथ मिलकर इंदौर में अराजकता की स्थिति पैदा कर रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के विरुद्ध एक तरफा प्राथमिकी दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी और दूसरी ओर संवैधानिक संस्था पर आक्रमण करने वाले कांग्रेसी गुंडों को खुला घूमने की छूट, कलेक्टर कोर्ट में जन्मदिन मनाने कांग्रेस नेताओं को बचाने की भरपूर कोशिश हमारे इस कथन को सिद्ध करती है।

आज हम प्रशासन से तथा नगर निगम से मांग करते है कि खतरनाक घोषित मकानों के मालिकों के आवेदन पर जिसमें पुराने किराएदार निवासरत हो को तोड़ने की कार्रवाई न्यायालय की अनुमति के बिना नहीं की जानी चाहिए। अभी तक जितने भी मकानों को खतरनाक बताकर नोटिस दिए गए हैं उनकी जांच विशेषज्ञ, इंजीनियर्स से कराने के पश्चात उस पर पुनर्विचार कर न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत कर वहां से आज्ञा लेने के बाद ही उन्हें तोड़ने की कार्रवाई की जाए तथा उनमें निवासरत किरायेदारों को भी उसमें एक पक्ष बनाया जाना चाहिए।

इन सभी घटनाओं में प्रशासन के रवैया के विरुद्ध भारतीय जनता पार्टी क्रमबद्ध आंदोलन करेगी। प्रथम क्रम में कल राजवाड़ा जनता चौक पर भाजपा कार्यकर्ता विशाल धरना देंगे।

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