15 साल पहले तेल लेने गई पार्टी कैसे लौटेगी?

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मुकेश तिवारी

([email protected])

वर्ष 2003 यानि 15 साल पहले का मप्र विधानसभा का चुनाव कल बहुत याद आया। उस वक्त कांग्रेस के कुछ बड़े नेता और मंत्री ऐसे बयान दे रहे थे कि लग रहा था उन्होंने मानो अपनी पार्टी को सत्ता से बाहर करवाने की सुपारी ले रखी है। रिजल्ट आया तो कांग्रेस सत्ता से बुरी तरह बाहर हो चुकी थी। उसके नेताओं की भाषा में बोलें तो तेल लेने चली गई थी। तब से वह अब तक मप्र में नहीं लौट पाई है। इस बार लौटने की कुछ स्थिति में दिख रही है तब मप्र कांग्रेस के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष विधायक जीतू पटवारी का यह वीडियो वायरल हुआ है – मेरी लाज रखना, पार्टी गई तेल लेने।

हालांकि इस पर हल्ला मचने के बाद उन्होंने सफाई दी कि ऐसा भाजपा के बारे में कहा था। पता नहीं क्यों कांग्रेस के नेता पंद्रह साल के सत्ता वनवास के बाद भी सीखने और सुधरने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं हैं। पटवारी तो ऐसा बोलकर बदल गये पर भाजपा को तो हमलावर होने का मौका उन्होंने फिजूल ही दे दिया। अब अगर यह चुनाव में नारे की शक्ल में कहीं किसी पोस्टर पर नजर आए – कांग्रेस गई तेल लेने तो कतई आश्चर्य नहीं होना चाहिए। इससे कांग्रेस को बहुत नुकसान भी हो शायद।

मंत्रियों और बड़े नेताओं के ऐसे ही बोल-वचन के कारण 2014 में कांग्रेस देश की सत्ता से बाहर हुई। फिर गुजरात विधानसभा चुनाव में मोदी पर उसके एक बड़े नेता मणिशंकर अय्यर के बिगड़े बोल ने कांग्रेस का बना बनाया खेल बिगाड़ा। अभी हाल ही में पूर्व केंद्रीय राज्यम॔त्री शशि थरूर के राम मंदिर निर्माण पर आए विचित्र बयान के बाद कांग्रेस को परेशानी हुई और अब जीतू पटवारी का यह ताजा वीडियो। यही हाल रहा और ऐसे ही बयान, वीडियो सामने आते रहे तो शायद कांग्रेस लगातार चौथी बार मप्र में तेल लेने ही जाती नजर आए। माफ कीजिएगा जब आपको अपने ही गोल पोस्ट में गोल करने का शौक हो चला है तो सामने वाली टीम को जीतने की कहां मशक्कत करना है।

लेखक वरिष्ठ पत्रकार, और ghamasan. com के संपादक हैं।

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