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कांग्रेस ने देवास से प्रहलाद टिपानिया को टिकट देकर मुकाबला रोमांचक कर दिया है | Congress has made the contest exciting by giving tickets to Prahlad Tipania from Dewas

Posted on: 06 Apr 2019 16:27 by Surbhi Bhawsar
कांग्रेस ने देवास से प्रहलाद टिपानिया को टिकट देकर मुकाबला रोमांचक कर दिया है | Congress has made the contest exciting by giving tickets to Prahlad Tipania from Dewas

नीरज राठौर की कलम से

दक्षिणपंथी विचारधारा के विरोधी एवं कबीरपंथी श्री प्रहलाद सिंह टिपानिया कबीर के भजन गायक हैं एवं कांग्रेस के देवास लोकसभा एरिया से पार्टी के उम्मीदवार है। प्रह्लाद जी ने अपना जीवन व्यापन एक शिक्षक के रूप में किया। वर्ष 2011 में उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मश्री पुरूस्कार द्वारा सम्मानित किया गया था।

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15वीं सदी के रहस्यवादी कवि और संत कबीरदास के भजनों को लोक शैली में गाने वाले ‘प्रहलाद सिंह टिपानिया’ सांसद बन गए तो लोकसभा में कबीर की आवाज गूंजेगी। शरुआत में गांव गांव घूमकर गाने वाले प्रहलाद आज दुनियाभर में पहचान बना चुके हैं। कबीर के भजनों को गाने की शुरुआत उन्होंने लूणियाखेड़ी गांव (मध्य प्रदेश के देवास में) से ही की। प्रहलाद पेशे से गायक होने के अलावा विज्ञान के शिक्षक भी हैं। कबीर के भजनों के लिए जाने जाने-वाले प्रहलाद जी अमरीका समेत विदेशों में भी शो करते हैं।

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विदेशों में प्रहलाद के गायन पर मोहित होने वालो की हद यहां तक है कि हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की एक प्रोफेसर सारा भारत आकर उनकी शिष्य बनीं। साथ ही अपना नाम बदलकर अंबा सारा रखा। वे कबीर के भजनों का अंग्रेजी में अनुवाद कर रही हैं। टिपनिया के मुताबिक विदेशों में उनके भजन सुनने आने वालों में सबसे ज्यादा तादाद गैर हिंदी भाषियों की ही होती है। कबीर के दोहों को सुनाने के लिए ब-कायदा मांग की जाती है।

प्रहलाद जी मानते हैं कि आज के समय में भी कबीर की लेखनी में इतनी ताकत है कि वो उन्होंने लोगों को बांधना शुरू कर दिया है। हालांकि वह ये भी मानते हैं कि कबीर को किसी किसी मठ में नहीं बांधा जा सकता, पर साथ ही कहते हैं कि कबीरपंथ भी एक तरह की सीमा ही है।

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