कांग्रेस की डिनर पार्टी में फुटा मंत्रियों का गुस्सा

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kamalnath

15 साल बाद सत्ता में लौटी कांग्रेस में लोकसभा चुनाव के बाद एक बार फिर गुटबाजी नजर आई है। मुख्यमंत्री कमलनाथ की दिल्ली में डिनर पार्टी के बाद भोपाल की डिनर पार्टी से कांग्रेस में खलबली मच गई हैं। दरअसल ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया के बंगले पर एक गोपनिय डिनर हुआ था जिसके बाद पार्टी में खलबली मची हुई है।

खबरों की माने तो डिनर में मौजूद मंत्रियों का मानना है कि उनके काम में ब्यूरोक्रेसी अड़ंगे लगा रही है, जिससे नीतिगत निर्णय भी नहीं हो पा रहे हैं, जिन पर वित्त की भी कोई आपत्ति नहीं है। डिनर पार्टी में शामिल मंत्रियों का आरोप है कि उनके विभाग में जानबूझकर ऐसे अफसरों को पदस्थ किया गया है जो उनके काम में अड़ंगा लगाते हैं और मुख्यमंत्री को वे अपनी दिक्कतें बताना चाहते हैं तो इसके लिए समय नहीं मिलता।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस डिनर पार्टी में सिसोदिया के साथ स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट, राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और स्कूल शिक्षा मंत्री डाॅ. प्रभुराम चैधरी भी मौजूद थे।

मंत्रियों को पदस्थ हुए नए अधिकारियों से आपत्ति की यह है वजह

श्रम मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया को अपने विभाग में अपने वाले प्रमुख सचिव से नाराजगी है उनका कहना कि श्रम विभाग में शुरुआत में संजय दुबे को पदस्थ किया गया, तब काम ठीक था लेकिन इसके बाद प्रमोद अग्रवाल को श्रम विभाग में पदस्थ किया, लेकिन मंत्री को वे भी सही नहीं लगे। इसके बाद कुछ दिन पहले ही अशोक शाह को विभाग में पदस्थ किया गया है। जिनसे भी मंत्री का तालमेल नहीं बैठ रहा है।

मंत्रियों का आरोप है कि नाथ और दिग्विजय सिंह समर्थक मंत्रियों को अगर दिक्कत होती है तो तत्काल उनके विभागों से प्रमुख सचिव बदल दिए जाते हैं। प्रशासन विभाग में जयवर्द्धन सिंह को विभाग के प्रमुख सचिव प्रमोद अग्रवाल से दिक्कत थी तो तत्काल उन्हें हटाकर संजय दुबे को पदस्थ कर दिया।

वहीं सुरेंद्र सिंह ‘हनी’ बघेल की दिक्कतों के चलते प्रमुख सचिव को हटा दिया था। तुलसी सिलावट ने अपनी नाराजगी की वजह बताते हुए कहा है कि विभाग की प्रमुख सचिव पल्लवी जैन गोविल अधिकांश समय छुट्टी पर ही रहती हैं, इससे काम पेंडिंग हो जाते हैं। और बाद में जबाब हमे देना पडता है।

खाद्य मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का कहना है कि पिछले दिनों होशंगाबाद जिले में धान खरीदी की तारीख के पहले पोर्टल बंद कर दिया गया। इस कारण उन्हें बैंकों से भुगतान नहीं किया जा सका। तोमर इसे लेकर पिछले विधानसभा सत्र में भाजपा के सवालों से भी घिर गए थे।

स्कूल शिक्षा मंत्री प्रभुराम चैधरी को अपने विभाग में ऑनलाइन ट्रांसफर की व्यवस्था से दिक्कत है। वे चाहते हैं कि ट्रांसफर ऑफलाइन हो। मंत्रियों को हटाने की बात के चलते पार्टी में मौजूद मंत्रियों को अपनी कुर्सी जाने का भी डर है। जिसके लिए चर्चा चलती रहती है।

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