मई माह के अंत तक होगा पूरा स्कूल ऑफ एक्सीलेंस फॉर आई का निर्माण: त्रिपाठी

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इंदौर: संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी ने आज इंदौर में कल्याणमल नर्सिंग होम परिसर में 40 करोड़ रूपये की लागत से बन रहे अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त स्कूल ऑफ एक्सीलेंस फॉर आई के भवन के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने कार्य की प्रगति तेज करने के निर्देश दिये। उन्होंने माह वार लक्ष्य तय कर निर्माण कार्य को शीघ्र से शीघ्र मई माह अंत तक पूरा करने के निर्देश भी दिये।

इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज की डीन श्रीमती ज्योति बिन्दल सहित अन्य संबंधित चिकित्सक एवं अधिकारी मौजूद थे। निरीक्षण दौरान बताया गया कि निर्माण कार्य तेजी से जारी है। स्कूल ऑफ एक्सीलेंस फॉर आई के भवन निर्माण और मशीन तथा उपकरण पर 40 करोड़ रूपये खर्च किये जायेंगे। परिसर में बने कल्याणमल नर्सिंग होम के पूराने भवन का जीर्णोद्धार कर मूल स्वरूप में ही यथावत रखा जायेगा। इसकी मरमत का कार्य भी किया जा रहा है। संभागायुक्त त्रिपाठी ने निर्देश दिये कि भवन निर्माण के साथ-साथ मशीन, उपकरण आदि सामग्री खरीदी और स्टॉफ की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू कर दें। जिससे की भवन निर्माण का कार्य पूर्ण होते ही स्कूल ऑफ एक्सीलेंस फॉर आई शुरू किया जा सकें। उन्होंने परिसर में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था रखे जाने के निर्देश भी दिये।

मध्यप्रदेशआयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर के सहयोग एवं पूंजी निवेश से महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, इंदौर के तहत स्कूल ऑफ एक्सीलेंस फॉर आई स्थापित किया जा रहा है। इसमें कुल 25 वार्ड रहेंगे। यह भवन जी प्लस थ्री रहेगा। इसमें कुल 50 हजार वर्ग फीट निर्माण होगा। स्कूल के लिए कल्याणमल नर्सिंग होम की भूमि पर भवन निर्माण किया जा रहा है।

यह स्कूल राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा एवं चिकित्सा सुविधाएं प्रदाय करने में सक्षम होगा। प्रतिवर्ष लगभग 10 हजार मरीजों की आंखों का ऑपरेशन एवं 50 हजार मरीजों का उपचार किया जा सकेगा। नेत्र रोग विषय में स्नातकोत्तर (पी.जी.) एवं फैलोशिप की अतिरिक्त सीट के लिए एमसीआई से स्वीकृति रहेगी। नेत्र रोग संबंधी सुपर स्पेसिलिटी शिक्षा कार्यक्रम चलाए जा सकेगे। इसमें सुपर स्पेशिलिटी आप्थेल्मोंलॉजी वार्ड,नवजात गहन चिकित्सा इकाई,प्री आपरेटीव- पोस्ट आपरेटीव इकाई,सुपर स्पेशिलिटी माड्यूलर आपरेशन थियेटर,सेप्टिक आपरेशन थियेटर रहेगा। स्कूल की कार्यकारिणी समिति संभागायुक्त की अध्यक्षता में होगी, जिसके सचिव स्कूल के संचालक होंगे

मेडिकल यूनिवर्सिटी के वाईस चांसलर, चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव एवं मेडिकल कॉलेज के डीन कार्यकारिणी के सदस्य होंगे। यह कार्यकारिणी स्कूल के संचालन के लिए आवश्यक सभी निर्णय लेने के लिए अधिकृत होगी। स्कूल की स्थापना एवं इसे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्कूल के लिए संचालक का चयन किया जायेगा। संचालक स्कूल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी भी होंगे और उसे स्कूल के संचालन के संबंध में वे सभी अधिकार होंगे जो चिकित्सा महाविद्यालय के डीन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी को रहते हैं। मेडिकल कालेज के डीन स्कूल के शैक्षणिक पाठ्यक्रमों का चिकित्सा महाविद्यालय के पाठ्यक्रम में समन्वय के उद्देश्य से आवश्यक समन्वय करेंगे।

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