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मेट्रो रेल प्रणाली के मानक तय करेगी समिति, ई श्रीधरन को दी कमान

Posted on: 25 Jun 2018 10:09 by Praveen Rathore
मेट्रो रेल प्रणाली के मानक तय करेगी समिति, ई श्रीधरन को दी कमान

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में मेट्रो रेल प्रणाली के लिए मानक तय करने के लिए एक समिति का गठन किये जाने को मंज़ूरी दे दी है। समिति की कमान जाने माने मेट्रोमैन ई श्रीधरन को सौंपी गई है।

श्रीधरन वर्ष 1995 से 2012 तक दिल्ली मेट्रो के प्रबंध निदेशक रहे हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली मेट्रो की मुंडका से बहादुरगढ़ तक विस्तार का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया। उन्होंने कहा कि शहरों में सुविधाजनक, आरामदेह और सस्ती यातायात प्रणाली बनाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने मेट्रो रेल के कोच देश में मेक इन इंडिया के तहत बनाये जाने पर जोर दिया।

जानिए कौन हैं ई-श्रीधरन
ई श्रीधरन का जन्म 12 जून 1932 को केरल स्थित पलक्कड़ में हुआ था. वे भारत के एक प्रख्यात सिविल इंजीनियर हैं। उन्होंने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा के गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। 1995 से 2012 तक दिल्ली मेट्रो के निदेशक रहे। उन्हें भारत के मेट्रो मैन के रूप में भी जाना जाता है। भारत सरकार द्वारा उन्हें 2001 में पदम् श्री तथा 2008 में पदम् विभूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 1963 में रामेश्वरम और तमिलनाडु को आपस में जोडऩे वाला पम्बन पुल टूट गया था। रेलवे ने उसके पुनर्निर्माण के लिए छह महीने का लक्ष्य तय किया, लेकिन उस क्षेत्र के इंजार्च ने यह अवधि तीन महीने कर दी और जिम्मेदारी श्रीधरन को सौंपी गई। श्रीधरन ने मात्र 45 दिनों के भीतर काम करके दिखा दिया। वर्ष 1970 में ई. श्रीधरन को कोलकाता मेट्रो की योजना, डिजाईन और कार्यान्वयन का उत्तरदायित्व सौंपा गया। भारत की पहली सर्वाधिक आधुनिक रेलवे सेवा कोंकण रेलवे के पीछे ई श्रीधरन का प्रखर मस्तिष्क, योजना और कार्यप्रणाली रही है। वर्ष 2013 में उन्हें जापान का राष्ट्रीय सम्मान ऑर्डर ऑफ द राइजिंग सन, गोल्ड एंड सिल्वर स्टार प्रदान किया गया।

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