सीएम शिवराज ने किया रोडमैप मार्गदर्शिका का विमोचन, कहा- प्रदेश का तेजी से विकास करेंगे

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इंदौर : मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने आज वीडियों कान्फ्रेसिंग के जरिये प्रदेश के मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों को कहा कि हम सब मिलकर प्रदेश का तेजी से विकास करेंगे। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेश के विकास के लिये तैयार की गई रोडमैप मार्गदर्शिका का विमोचन किया और पथ विक्रेताओं से रूबरू चर्चा की। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के विकास के लिये कृतसंकल्पित है। हमे चुनौतियों को अवसर में बदलना है। कोरोना संकट के इस दौर में हम सब ने जीने की नई कला खोज ली है। हमारा उद्देश्य जनता की सेवा करना है। प्रदेश के विकास में धन की कमी आड़े नहीं आयेगी। राज्य शासन द्वारा चंबल एक्सप्रेस वे और नर्मदा एक्सप्रेस वे का निर्माण कर रही है। प्रदेश में सिंचाई के साधनों में पिछले 17 सालों में कई गुना वृद्धि की गई है। हम नर्मदा नदी के जल का उपयोग सिंचाई और पेयजल में करेंगे। किसानों की आय में वृद्धि की जायेगी। उन्हें नगदी फसल और फसल बीमा योजना का लाभ लेने के लिये प्रेरित किया जायेगा।

उन्होंने इस अवसर पर यह भी कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री पथ विक्रेता योजना बहुत ही सफल और लोकप्रिय रही है। प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्र के 40 हजार से ज्यादा हितग्राहियों को इस योजना का लाभ लिया है। पथ विक्रेताओं को बिना ग्रारंटी और बिना ब्याज के ऋण दिया गया है। उन्हें यह ऋण किस्तों में चुकाना है। वे यह ऋण चुकाकर फिर उसी बैंक से 20 हजार रूपये बिना ब्याज के ऋण ले सकते हैं और यह 20 हजार रूपये चुकाने के बाद पुन: 50 हजार रूपये का ऋण ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश मे लघु और कुटीर उद्योगों के विकास के लिये व्यापक पैमाने पर विकास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के जरिये युवाओं को स्वरोजगार से लगाया गया है। प्रदेश में पर्यटन के विकास के लिये विशेष अभियान चलाया जा रहा है। वन विभाग द्वारा इस दिशा में टाइगर सफारी को विकसित किया गया है तथा इससे रोजगार की संभावनाएं बढ़ रही हैं। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश और आत्मनिर्भर भारत की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। हमें प्रदेश के आत्मनिर्भर बनाने के लिये जनता का सहयोग चाहिये।

मुख्यमंत्री चौहान ने आज प्रदेश के पथ विक्रेता योजना के तीन हितग्राहियों से रूबरू चर्चा की। रायसेन जिले के बुधनी निवासी पथ विक्रेता सुनीता से उन्होंने चर्चा की। सुनीता ने बताया कि उसे मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता योजना के तहत बैंक के माध्यम से दस हजार रूपये का ऋण मिल गया है। वह पांच साल से खिलौना बेचने का काम कर रही हैं। वह रोज 500 से 700 की बिक्री कर लेती हैं तथा उसे 50 प्रतिशत लाभ मिल जाता है। मुख्यमंत्री ने जबलपुर निवासी चिम्मन लड़िया से भी चर्चा की। चिम्मन लड़िया का झाडू बनाने और बेचने का पैतृक व्यवसाय है। वे आस-पास के जिलों से कच्चा माल लाते हैं और झाडू बनाकर बचते हैं। उन्हें भी मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता योजना के तहत जनपद पंचायत और बैंक के माध्यम से दस हजार रूपये का बिना ब्याज और बिना गारंटी का ऋण मिला है, जिससे उनके व्यवसाय को गति मिली है। मुख्यमंत्री ने धार जिले के धामनोद निवासी भेरूलाल जी से भी चर्चा की। भेरूलाल जी ने बताया कि वे गांव में रहते हैं। कृषि उपज मंडी से वे सब्जी खरीद कर लाते हैं और आस-पास के गाँवों और शहरों में फेरी लगाकर सब्जी बेचते हैं। उन्हें भी राज्य शासन की मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता योजना के तहत दस हजार रूपये का ऋण मिला है। मुख्यमंत्री ने रिमोट दबाकर मुख्यमंत्री पथ विक्रेता योजना की 20 करोड़ रूपये की राशि हितग्राहियों के खाते में सीधे ट्रासंफर की।

इस अवसर पर सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि राज्य शासन गरीबों के कल्याण के लिये बड़ी तेजी से काम कर रहा है। प्रदेश में स्वरोजगार, पर्यटन और कृषि के विकास पर जोर दिया जा रहा है। प्रदेश में मुख्यमंत्री पथ विक्रेता योजना बुहत लोकप्रिय हुई है। कोरोना के इस संकट के समय में राज्य शासन द्वारा बेहतर प्रबंधन के जरिये हम निपट रहे हैं। प्रदेश में लघु और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने की जरूरत है। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने के लिये हमारा नारा है “लोकल फॉर वोकल”।

इस अवसर पर नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिये नई दिल्ली से संबोधित करते हुये कहा कि मध्यप्रदेश शासन लोकल फॉर वोकल की नीति पर काम कर रहा है। राज्य सरकार स्वरोजगार, ग्रामीण विकास और पर्यटन की दिशा में अच्छा काम कर रही है। उन्होंने जो विकास का रोडमैप तैयार किया है, वह काबिले तारीफ है। मगर इस परिकल्पना को मूर्त रूप देने की जरूरत है। इस रोडमैप को कार्य योजना तैयार करके 30 दिन में लागू किया जाये। मध्यप्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की व्यापक संभावनाएं है। शहरी विकास के क्षेत्र में नए मानक तैयार करने की जरूरत है।

इस अवसर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस ने कहा कि आज जिस मार्गदर्शिका का मुख्यमंत्री द्वारा विमोचन किया जा रह है, उसे लागू करने के लिये हम कृतसंकल्पित है। इस रोडमैप के जरिये प्रदेश में विकास की गंगा बहेगी और आत्मनिर्भर प्रदेश बनाने के दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री चौहान के नेतृत्व में हम अधिकारीगण भौतिक अधोसंरचना विकास, सुशासन, स्वास्थ्य और शिक्षा, अर्थव्यवस्था एवं रोजगार के लिये मिलजुलकर काम करेंगे।इस अवसर पर कलेक्ट्रेट के वीडियो कान्फ्रेसिंग के हॉल में कलेक्टर मनीष सिंह, सीईओ जिला पंचायत हिमांशु चंद्र के अलावा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, उद्यानिकी, लोकनिर्माण, पशु पालन, आदिम जाति कल्याण, वन आदि विभागों के अधिकारी मौजूद थे।