भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक है ऐसे में कांग्रेस और बीजेपी लगातार अपनी वोट बैंक तैयार करने में जुटी हुई है। एक तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आए दिन प्रदेश को नई नई सौगात दे रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भी पीछे हटने वालों में नहीं है। वह भी लगातार एक के बाद एक वादे कर रहे हैं उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि यदि प्रदेश में एक बार फिर कांग्रेस की सरकार आती है तो किसानों का कर्ज भी माफ किया जाएगा और जो पेंशन योजना को बंद कर दिया गया है उसे दोबारा शुरू किया जाएगा।

इन सबके बीच मंगलवार को भोपाल में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक हुई, जिसमे CM शिवराज ने 2018 में विधानसभा चुनाव में मिली हार के कारणों का खुलासा किया। मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि, 2018 चुनाव में बीजेपी हार के पीछे पार्टी की आपसी खींचतान रही है। कई नेताओं की वजह से पार्टी को चुनाव में हार झेलनी पड़ी। हम अपनो के कारण ही चुनाव हारे। नहीं तो दुनिया की कोई ताकत बीजेपी को चुनाव नहीं हरा सकती थी।

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा कि हमारे पास अभी पूरे 200 दिन का समय है। यह समय है कि हम नए जोश के साथ पारिवारिक माहौल में काम करें। सब खुश रहें और दूसरों को खुश रखें। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को सम्मान दें, बूथ को और ज्यादा सक्रिय करें तथा सब मिलकर जीत का संकल्प लें और खड़े हो जाएं। खुद को तैयार करें और संकल्प लेकर खड़े हो जाएं। जीत हमारी होगी।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बीजेपी के नेता पार्टी के उम्मीदवारों के साथ घूमते रहे। सब को दिखाते रहे की वो पार्टी के साथ है। लेकिन, वो निर्दलीय को वोट देने के लिए लोगों को फोन करते रहे। उन्होंने कहा ऐसी मानसिकता अब बिल्कुल नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि हम अपने ही कुछ नेताओं के कारण 2018 का विधानसभा चुनाव हारे। सीएम ने नेताओं के नाम लिए बिना ही उन पर तीखा हमला बोला।