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किसान आंदोलन को लेकर सीएम शिवराज ने अपना मानसिक संतुलन खोया

Posted on: 02 Jun 2018 03:53 by Ravindra Singh Rana
किसान आंदोलन को लेकर सीएम शिवराज ने अपना मानसिक संतुलन खोया

भोपाल: नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किसान आंदोलन को लेकर जो लगातार बयानबाजी की गई, इससे लगता है कि वे अपनी अगले चुनाव में हार को देखते हुए और अपनी नाकामयाबियों मानसिक संतुलन खो चुके हैं। श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में जो आज किसान आंदोलन शुरू हुआ है।

वह बताता है कि मुख्यमंत्री पिछले 13 साल से प्रदेश के लोगों को खेती-किसानी को लेकर झूठ बोल रहे थे और किसानों को धोखा दे रहे थे। श्री सिंह आज विंध्य प्रदेश में न्याय यात्रा के चौथे दिन सीधी, मउगंज, देवतालाब, मनगवां और रायपुर कर्चुलियान में जनसभाओं को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर वरिष्ठ विधायक श्री सुंदर लाल तिवारी, श्री सुखेन्द्र सिंह बना एवं हालही में बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुई सुश्री विमला पटेल भी उपस्थित थी।

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अजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री पिछले कई दिनों से लगातार किसान आंदोलन और मंदसौर गोलीकांड की बरसी पर कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित कार्यक्रम को लेकर अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री होने के नाते उन्हें प्रदेश की जनता को यह विश्वास दिलाना था कि कोई हिंसा नहीं होगी लेकिन उल्टे वे और उनका तंत्र हिंसा की संभावना जताकर लोगों में दहशत पैदा कर रहे हैं। श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह मानसिक स्थिति बतलाती है कि वे दिन-प्रतिदिन उनकी सरकार के खिलाफ बढ़ रहे जन असंतोष से बौखला गए हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले 14 साल से कृषिकर्मण अवार्ड, कृषि विकास दर, कृषि बजट और कृषि कैबिनेट के नाम पर वे लगातार किसानों को धोखा दे रहे थे। भावांतर योजना में उनकी किसान हितैषी नीतियों की पोल खोल दी, क्योंकि इससे किसान बेहाल हो गया और उसके आर्थिक हित व्यापारियों के हाथों गिरवी रख दिए गए। किसानपुत्र कहने वाले मुख्यमंत्री के राज में दो बार गोली चालन हुआ बरेली में जहां एके 47 से किसान की जान ली गई वहीं मंदसौर के पिपल्यामंडी में किसानों की छाती पर गोली चलाई गई। आज अगर प्रदेश में कोई सबसे ज्यादा दुःखी है तो वह हमारा अन्नदाता किसान ही है।

अजय सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के 15 साल पूरे होने जा रहे हैं आज भी गरीबी रेखा के नीचे जी रहा व्यक्ति बेहतर जीवन जीने का मौहताज है। उसकी बेहतरी का दावा तो शिवराज जी ने बहुत किया लेकिन स्थिति क्या है इसका खुलासा खुद मुख्यमंत्री ने किया, जब वे चुनावी वर्ष में असंगठित मजदूरों को लुभाने के लिए योजनाओं को पिटारा बता रहे हैं।श्री सिंह ने कहा कि जनता खुद देखें कि सरकार की कथनी करनी में कितना अंतर है और यही भाजपा का असली चरित्र, दोमुही नीति और दोहरा चेहरा है।

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