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CM अशोक गहलोत ने वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी को हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया

Posted on: 09 Mar 2019 21:49 by Rakesh Saini
CM अशोक गहलोत ने वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी को हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया

दोस्तो जैसा कल शाम आपने सुना-जाना होगा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी को हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया है।यह यक़ीनन बड़ी खुशख़बर है-पत्रकारिता,साहित्य,संस्कृति और दूसरे अनुशासनों से जुड़े सभी मनीषियों ने उनकी नियुक्ति का भरपूर स्वागत किया है।

राजस्थान में रहते हुए ओम थानवी ने ‘इतवारी पत्रिका’ के ज़रिए पत्रकारिता को जिस तरह साहित्य और अन्य गंभीर अनुशासनों से जोड़ा वह हिंदी में ही नहीं,बल्कि अन्य भारतीय भाषाओं के लिए भी एक नज़ीर की तरह था।’दिनमान’ जैसे मौलिक हिंदी साप्ताहिक के बाद सभी विधाओं से जुड़े शीर्ष हिंदी रचनाकारों को ‘इतवारी पत्रिका’ में छ्पते देखना निश्चय ही एक आल्हादकारी रचनात्मक अनुभव था।

इसी साख के बूते आगे चलकर ओम थानवी ने ‘जनसत्ता’ जैसे हिंदी के अनूठे अख़बार के चंडीगढ़ संस्करण के संपादक का दायित्व सँभाला।वह भी खालिस्तानी मूवमेंट के जलते-सुलगते दिनों में।वह उनके हौसले और सम्पादकीय विवेक दोनों को ज़ाहिर करता है।फिर प्रभाष जोशी जैसे मौलिक संपादक के बाद ‘जनसत्ता’ की विरल विरासत को उन्होंने जिस तरह निभाया-साधा वह भी आज एक कीर्तमान है।हिंदी से जुड़े सभी प्रबुद्ध जन जनसत्ता के उस स्वरूप को याद कर आज भी गुमान से भर उठते हैं।जनसत्ता में छपना ही मील के पत्थर की तरह था।

अनिल बोर्दिया जैसी शख्सियत के सानिध्य में राजस्थान के शिक्षा जगत को ‘शिविरा’ और ‘नया शिक्षक’ जैसी अपूर्व पत्रिकाओं की सौगात देने वाले शिक्षाविद शिवरतन थानवी के घर जाए-जन्मे ओम थानवी ने अपनी सृजनात्मकता को नए आयाम दिए।’मूनजोदड़ो’ जैसे नितांत शोधपूर्ण यात्रा-वृतांत के अतिरिक्त मूर्धन्य हिंदी कवि अज्ञेय से जुड़े संस्मरणों का उनके द्वारा सम्पादित संकलन ‘अपने-अपने अज्ञेय’ आज भी लोगों की स्मृति में है।उनके लेखक-संपादक की भाषाई सतर्कता और नवाचार अन्य उल्लेखनीय विशेषताएं हैं।

पत्रकारिता में साहित्य के लगातार घटते स्पेस के इन मुश्किल दिनों में ओम थानवी का पत्रकारिता और जनसंचार से जुड़े किसी संस्थान का कुलपति बनना एक राहत की ख़बर की तरह है।इस दिशा में वे सार्थक सा कुछ कर पाएंगे इसी उम्मीद के साथ,उनकी नियुक्ति का हार्दिक अभिनंदन है!

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