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चीन ने बदला अपना रुख, इस मुद्दे पर किया भारत का समर्थन

Posted on: 26 Apr 2019 20:01 by bharat prajapat
चीन ने बदला अपना रुख, इस मुद्दे पर किया भारत का समर्थन

पड़ोसी देश चीन के भारत के प्रति अपने तेवर बदलता हुआ नजर आ रहा है। जिसके चलते अब चीन ने अपने विश्व मानचित्र में अरूणाचल प्रदेश और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को भारत का हिस्सा बताया है। गौरतलब हैै कि अपनी विस्तारवादी नीति पर चलने वाला चीन अक्सर भारत के पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा जताता है। वही अब पड़ोसी देश ने अरूणाचल प्रदेश और पीओके को भारत का हिस्सा दिखाया है।

बता दें कि चीन में बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव (बीआरआई) के दूसरे समिट चल रही है। इस दौरान चीन ने समिट में नक्शा प्रदर्शित करते हुए इस नक्शे में भारत को भी बीआरआई का हिस्सा दिखाया है। साथ ही इस नक्शे में अरूणाचल प्रदेश और पीओके को भारत को हिस्सा बताया है।

वही भारत लगातार समिट का बहिष्कार करते हुए आया है। इससे पूर्व भी 2017 में बीआरआई समिट में भारत शामिल नहीं हुआ था। बता दें कि बीआरआई समिट में शामिल हो रहे हैं देशों का मकसद राजमार्ग और रेल लाइनों बंदरगाहों और सीलन के नेटवर्क के माध्यम से एशिया अफ्रीका और यूरोप को जोड़ना है। इस समिति की शुरुआत गुरुवार को हो चुकी है जो कि 3 दिन तक चलेगी। यह नक्शा चीन की कॉमर्स मिनिस्ट्री द्वारा पेश किया गया था जिसमें जम्मू कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश को भारत का अंग बताया गया था।

गौरतलब है कि चीन अक्सर अरुणाचल प्रदेश को खुद का हिस्सा बताता रहा है। साथ ही अपने नक्शे में भी अरुणाचल प्रदेश को शामिल करता है। वहीं अब चीन द्वारा पाक अधिकृत कश्मीर और और और अरुणाचल प्रदेश को भारत का हिस्सा बताना हैरान करने वाला है क्योंकि हाल ही में चीन मैं 30000 विश्व मानचित्र छापे गए थे जिसमें अरुणाचल प्रदेश और ताइवान को चीन का हिस्सा नहीं बताया गया था जिसके चलते उरन नक्शों को नष्ट कर दिया था। चीन अक्सर भारत के पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश पर दक्षिण तिब्बत का हिस्सा होने का दावा करता है और आए दिन चीनी फौजी भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश करती है साथ ही चीन भारतीय नेताओं द्वारा अरुणाचल प्रदेश में की जाने वाली यात्राओं को लेकर भी आपत्ति जताता है।

वह इस मामले में भारत का कहना है कि अरुणाचल प्रदेश उसका अभिन्न हिस्सा हैै और भारत के नेता समय-समय पर अरुणाचल प्रदेश की यात्रा पर जाते रहेंगे। बता दें कि चीन और भारत ने 3488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा से जुड़े सीमा विवाद को समाप्त करने के लिए अभी 21 चरणों में वार्ता की है वहीं चीन उससे अलग हुए ताइवान पर भी अपना दावा जताता है।

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