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देश में पहली बार विदेशी धन और भ्रष्टाचार को वैध बनाया गया: मनीष दोशी | First Time in the Country Foreign Money and Corruption were made Legal: Manish Doshi

Posted on: 08 May 2019 11:45 by Surbhi Bhawsar
देश में पहली बार विदेशी धन और भ्रष्टाचार को वैध बनाया गया: मनीष दोशी | First Time in the Country Foreign Money and Corruption were made Legal: Manish Doshi

गुजरात प्रदेश कांग्रेस के मुख्य् प्रवक्ता डॉ.मनीष दोशी ने इंदौर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा किआज पांच साल में मोदी सरकार ने क्या किया ? मोदी सरकार और भाजपा ने जो वादा किया था वो सब महत्वपूर्ण मुद्दों पर चुनाव में क्यों मौन है ? रोज़ी-रोटी, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, भ्रष्टाचार, कालाधन, नोटबंदी, रोजगार, महंगाई आदि सभी मुद्दें उड़न छू हो गये।

चुनाव के प्रचार में खाली करना था स्विस बेंक का काल धन, सत्ता में आने के बाद खाली कर दिया रिजर्व बेंक का सफ़ेद धन। चुनाव के प्रचार में “सबका साथ सबका विकास”, सत्ता में आने के बाद “सब का साथ सो (100)का विकास’, 2014 में चुनावी भाषण में बड़े बड़े वादे करने वाले मोदी ने सत्ता में आने के बाद देश की बड़ी सरकारी कंपनिया ONGC, BSNL, HAL, डाक विभाग, AIR INDIA, PNB सहित राष्ट्रियकृत बेंको की हालत खस्ता हाल कर दिया और अपने चहिते पूंजीपतियों को मालामाल कर दिया, ये मोदीजी का “सब का साथ सो (100)का विकास” का मॉडल है ।

मोदी सरकार द्वारा गठित नीति अयोग ने फरवरी 2018 में स्वीकार किया है कि भारत ‘असंतोषजनक नौकरियों और बेरोजगारी’ से त्रस्त है। ILO के अनुसार, 2019 तक 77 फीसदी भारतीय कामगारों का रोजगार चपेट में आएगा। ऑल इंडिया मैन्युफैक्चरर्स ऑर्गेनाइजेशन ने भी दिसंबर 2018 में कहा कि 2016 के बाद से अकेले मैन्युफैक्चरर्स सेक्टर में 35 लाख नौकरियों का नुकसान हुआ, जिसमें दो मुख्य कारणों के रूप में विमुद्रीकरण और जीएसटी शामिल हैं।

ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) ने पिछले साल जुलाई में कहा था कि भारत के 6.3 करोड़ छोटे व्यवसायों में से पांचवां हिस्सा अर्थव्यवस्था में 32 फीसदी का योगदान और 11.1 करोड़ लोगों को रोजगार दे रहा है। जीएसटी रोलआउट के बाद से मुनाफे में 20 फीसदी की गिरावट आई है और हजारों श्रमिकों को बर्खास्त करना पड़ा।

मोदी सरकार एक MUDRA ऋण के गुणों का उल्लेख करती है लेकिन भारत के लोगों को यह बताने में विफल रहती है कि 91 फीसदी लाभार्थियों के लिए MUDRA ऋण का औसत आकार मात्र रु 23,000 है। क्या कोई इस रुपये से पकोड़ा स्टाल खोल सकेगा? एक आरटीआई जवाब में MUDRA योजना के तहत कितनी नौकरियां सृजित की ’के मूल प्रश्न का उत्तर देने से इनकार कर दिया। स्किल इंडिया,स्टार्ट-अप इंडिया’ औरस्टैंड-अप इंडिया ’जैसे रंगीन वाक्यांश पीएम मोदी के भाषणों से गायब हो गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ‘स्किल इंडिया’ की प्लेसमेंट दर 14.7 फीसदी है।

भारत में नई नौकरियों की सालाना मांग 1.2 करोड़ प्रति वर्ष आंकी गई है, लेकिन नौकरियां नहीं हैं। मोदी सरकार ने अनौपचारिक क्षेत्र, कृषि क्षेत्र और एमएसएमई को नष्ट कर दिया है जहां 90 फीसदी रोजगार सृजित हैं।

कांग्रेस अपने रोजगार सृजन एजेंडे के केंद्र में कृषि क्षेत्र, अनौपचारिक क्षेत्र और MSME कीमजबूती के लिए प्रतिबद्ध है,। इसके अलावा पूंजी, निवेश और उचित रियायतों के संयोजन द्वारा संगठित क्षेत्र का तेजी से विस्तार किया जायेगा ।धंधा रोजगार को बढ़ावा देने और आर्थिक पटरी पे लाने के लिए जीएसटी में सरलीकरण, पारदर्शिता और विश्वसनीयतालाया जायेगा।

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