मुख्यमंत्री कमलनाथ की सहृदयता व तत्परता

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भोपाल। ग्यारह जून को मुख्यमंत्री कमलनाथ को पता चला कि चित्तौड़गढ़-भुसावल राष्ट्रीय मार्ग पर गाँव पेलोना की बुजुर्ग सुरमीबाई को हनुमान मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिये पीने के पानी की व्यवस्था के लिये डेढ़ कि.मी. दूर से भीषण गर्मी में पैदल चलकर पानी लाना पढ़ता है। जिस पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उसी दिन ट्वीट कर सुरमीबाई के घर के पास सरकार की तरफ से बोरिंग की स्वीकृति दी थी।

स्वीकृति के अगले दिन ही सम्बंधित अधिकारियों ने सुरमीबाई से भेंट कर, उन्हें मुख्यमंत्री के निर्णय की जानकारी देकर बोरिंग स्थल का अवलोकन किया और आज 14 मई (शुक्रवार) को बोरिंग मशीन सुरमीबाई के गाँव पहुँच गयी।
क्षेत्रीय विधायक झूमा सोलंकी व जिलाधीश गोपालचंद्र डाड ने सुरमीबाई का माला पहना कर स्वागत किया और मुँह मीठा कराया। सुरमीबाई ने खनन के लिए पूजन किया और मुख्यमंत्री का तत्परता व सह्रदयता के लिये आभार माना।

सुरमीबाई ने कहा कि वो प्रतिदिन हनुमान जी से बोरिंग की प्रार्थना करती थी। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जानकारी मिलते ही मेरी वर्षों पुरानी इस समस्या को तुरंत हल कर दिया।

उन्होने कहा, अब किसी श्रद्धालु को बगैर पानी के नहीं जाना पढ़ेगा और ना अब मुझे गर्मी में पैदल डेढ़ कि.मी. दूर से पानी लेने जाना पढ़ेगा। इतनी तत्परता से समस्या हल होगी, यह मैने सोचा नहीं था। मैं मुख्यमंत्री की सदैव आभारी रहूँगी।

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