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1955 से सियागंज में ब्रांडेड वस्तु ही बेच रहा छाबड़ा परिवार, नारियल भी ब्रांडेड बेचा

Posted on: 03 May 2018 09:22 by Praveen Rathore
1955 से सियागंज में ब्रांडेड वस्तु ही बेच रहा छाबड़ा परिवार, नारियल भी ब्रांडेड बेचा

इंदौर। औद्योगिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर शहर में सियागंज प्रदेश की सबसे बड़ी किराना मंडी में शुमार है। यहां से न सिर्फ मध्यप्रदेश बल्कि राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और साउथ के राज्यों तक व्यापारिक लिंक है। सियागंज में पुरानी पेढिय़ों में शुमार अमेरिकन आइल स्टोर जो कालांतर में अशोक कुमार अरविंद कुमार के नाम से ख्यात हुई, आज तीसरी पीढ़ी के युवा कारोबारी अमित कुमार छाबड़ा कारोबार संभाल रहे हैं। विरासत में मिले कारोबार को और ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए वे ४० की उम्र में बिजनेस में एमबीए की पढ़ाई भी कर रहे हैं। घमासान डॉटकॉम ने उनसे बातचीत की…

सवाल : कारोबार की शुरुआत कब और किसने की?
जवाब : सियागंज में हमारी दुकान 1955 से है। दादाजी रामलाल छाबड़ा ने छोटे रूप में आइल का कारोबार शुरू किया। दादाजी की सोच ब्रांडेड माल बेचने की रही, इसलिए उन्होंने अपने करयिर की शुरुआत भी कस्ट्रोल आइल के कारोबार से की। चूंकि कस्ट्रोल एक अमेरिकन कंपनी थी, इसलिए दादाजी ने अपनी दुकान का नाम भी अमेरिकन आइल स्टोर रखा। सालों तक यही कारोबार रहा। कालांतर में पिताजी अशोक कुमार छाबड़ा ने दादाजी के साथ कारोबार में सहयोग किया। थोड़े समय बाद आइल का कारोबार बंद कर किराना कारोबार की शुरुआत की। लेकिन किराना में भी पिताजी ने दादाजी की सोच के अनुरूप ही ब्रांडेड माल बेचने पर ही ध्यान दिया। यहां तक कि नारियल भी उन्होंने एओएस के ब्रांड से बेचा। अमेरिकन आइल स्टोर ने अपनी अलग ही साख बनाई।  इन्हीं दिनों दावत ब्रांड चावल का कारोबार भी किया। फिर ब्रांडेड चावल, ब्रांडेड शुगर, ब्रांडेड साबुदाना का होलसेल कारोबार किया और प्रदेश में अपनी पहचान बनाई। दादाजी के रिटायर्ड होने के बाद पिताजी और चाचाजी ने कारोबार संभाला, उसके बाद मैंने पढ़ाई के दौरान ही थोड़ा बहुत समय दुकान पर देकर पिताजी से कारोबार की बारीकियां समझीं। पिताजी के निधन के बाद से पूरा कारोबार मैं ही संभाल रहा हूं।

सवाल : अभी आप कौनसे ब्रांड बेच रहे हैं?
जबाव : अभी हम वरलक्ष्मी साबुदाना के म.प्र. के होलसेल वितरक हैं। इसके अलावा सल्फर लेस शुगर धामप्योर के वितरक और कोहिनूर और अबिदा ब्रांड बासमती चावल के डीलर हैं। ये तीनों ही ब्रांडेड किराना जिंस है।

सवाल : आगे विस्तार की क्या योजना है?
जवाब : चूंकि मेरे दादाजी और पिताजी का ब्रांडेड वस्तु पर ही भरोसा रहा है और ताउम्र उन्होंने ब्रांडेड माल ही बेचा, इसलिए मैं भी उनके नक्शे कदम पर चल रहा हूं। लेकिन अब मैं अपना स्वयं का ब्रांड डेवलप करना चाहता हूं। अभी प्लानिंग चल रही है, जल्द ही इस बारे में फायनल कर अपना खुद का ब्रांड लांच करूंगा। जो चीज मैं खा सकता हूं, वही चीज और वही क्वालिटी बेचने की इच्छा रखता हूं।

सवाल : परिवार में कौन-कौन है?
जवाब : पत्नी और दो लडक़े हैं। बड़ा लडक़ा 11वीं और छोटा 7वीं में पढ़ रहा है।

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