Chandra Grahan 2021

वर्ष 2022 का दूसरा चंद्र ग्रहण 8 नवंबर 2022 मंगलवार यानि आज लगेगा। जो सांय 17:53 बजे से 18:19बजे तक रहेगा एवं विरल छाया से निर्गम सांय 7:26 होगा। पूर्वोत्तर के राज्यो में ही पूर्ण चन्द्रग्रहण दिखाई देगा देश के शेष भागो में आंशिक चन्द्रग्रहण ही दिखाई देगा। आज कार्तिक पूर्णिमा के दिन चन्द्रग्रहण का सूतक प्रातः 8/28 से प्रारम्भ होना है। चन्द्रग्रहण सायं 5/53 से 6/19 बजे लगेगा।

मन्दिरों देवालयों के कपाट प्रातः 8/28 से ग्रहण के सूतक से पर्व काल शाम को 6/18 बजे तक बन्द रहेंगे। इसलिये कार्तिक माह की कथाओं और यज्ञ अनुष्ठानों का समापन भोग सोमवार 8 नवम्बर 2022 को प्रातः 8/28 से पूर्व होगा। पूर्णिमा तिथि का प्रारम्भ 16/19 पर होगा। कार्तिक स्नान और चन्द्र ग्रहण के का तीर्थ दर्शन और स्नान ग्रहण काल में 8 नवम्बर को होगा।

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भारत में कितने बजे दिखाई देगा चंद्र ग्रहण

पंडित दीपक मालवीय के अनुसार, भारत में पूर्ण चंद्र ग्रहण आज शाम 5 बजकर 20 मिनट से दिखाई देना शुरू होगा और शाम 6 बजकर 20 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। चंद्र ग्रहण का सूतक काल 8 नवंबर को भारतीय समयानुसार सुबह 8 बजकर 20 मिनट पर शुरू हो जाएगा।

सूतक काल में क्या करें क्या ना करें

  • ग्रहण 2022 के सूतक काल के दौरान जितना सम्भव हो कम बोलें और भगवान की भक्ति में अपना मन लगाएं।
  • भगवान का ध्यान करें, उनकी पूजा करें, इत्यादि।
  • सूतक काल के दौरान ग्रहण से संबंधित ग्रह की शांति के लिए पूजा करें, पाठ करें, और मंत्रों का जप करें।
  • सूतक काल के समय जितना सम्भव हो योग और ध्यान करें। ऐसा करने से आपकी मानसिक शक्ति का
  • विकास होगा और आप खुद को और अपने परिवार को ग्रहण के दुष्प्रभाव से भी बचा सकेंगे।
  • सूतक काल में भोजन नहीं बनाएं और अगर खाना बना लिया है तो उसमें तुलसी के पत्ते डालकर रख दें।
  • चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्र मंत्रों का जप करें और सूर्यग्रहण के दौरान सूर्य मंत्रों का स-परिवार स्पष्ट उच्चारण पूर्वक जप करें।
  • जब सूतक काल समाप्त हो जाए तो घर को साफ करें, दोबारा पूजा पाठ करें, और स्नान करें।
  • ग्रहण समाप्त होने पर घर पर और पूजा स्थल पर गंगाजल छिड़कें और घर को शुद्ध करें।
  • साथ ही सूतक काल में किसी भी गर्भवती महिला को घर से बाहर बिल्कुल भी नहीं जाना चाहिए ग्रहण की छाया आपके गर्भ में पल रहे शिशु पर न पड़े।
  • शास्त्रों के अनुसार सूतक काल में दांतों की सफाई और बालों में कंघी नहीं करनी चाहिए। सूतक काल चल रहा हो तो सोने से बचें।
  • धार्मिक दृष्टि से सूतक काल में किसी भी पवित्र मूर्ति को छूना अत्यंत अशुभ माना जाता है।
  • इस दौरान काम या क्रोध जैसे नकारात्मक विचारों को अपने मन में घर न आने दें। साथ ही इस समय अवधि के दौरान मल, मूत्र और शौच जैसे कार्य करना भी वर्जित है।
  • साथ ही इस दौरान चाकू और कैंची जैसी नुकीली चीजों का इस्तेमाल करना भी मना है।

चंद्र ग्रहण ग्रहण के दौरान मंत्र जाप

चंद्र ग्रहण के दौरान गायत्री मंत्र या इष्ट देवता का मंत्र का जाप करना शुभ होता है। वहीं ग्रहण के बाद शिवलिंग पर जल चढ़ाएं
ॐ नम: शिवाय ,, मंत्र का जाप करें।
इससे चंद्र ग्रहण के बुरे प्रभावों का असर नहीं पड़ेगा।

ॐ क्षीरपुत्राय विद्महे अमृत तत्वाय धीमहि तन्नो चन्द्रः प्रचोदयात्.
इस मंत्र का जप करे

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किस राशि में लग रहा है साल का अंतिम चंद्र ग्रहण

साल का यह अंतिम चंद्र ग्रहण मेष राशि में लगने जा रहा है. चंद्र ग्रहण का असर सभी राशियों पर देखने को मिलेगा। कुछ राशिवालों के लिए यह चंद्र ग्रहण अच्छा साबित होगा जबकि कुछ को इस दौरान कष्टों का सामना करना पड़ सकता है। साल का अंतिम चंद्र ग्रहण मिथुन, कर्क, वृश्चिक, कुंभ राशिवालों के लिए शुभ रहेगा। जबकि मेष, वृषभ, सिंह, मीन, मकर, धनु राशिवालों के लिए यह अंतिम चंद्र ग्रहण काफी अशुभ साबित होगा।