राहुल गांधी के बचाव में उतरे कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर | Cambridge University Professor in defense of Rahul Gandhi

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नीरज राठौर की कलम से

जेटली को कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के पूर्व वाईस चांसलर प्रोफेसर एलिसन रिचर्ड ने जवाब दिया है..प्रोफेसर बोले कि राहुल गांधी 1995 मे Mphil मे मेरे छात्र थे और उनकी डिग्री पर कोई भी बकवास नही होनी चाहिए..

जिन्हे कैंब्रिज के नियमो का ज्ञान नही है उनके लिए संक्षेप मे लिखता हूँ…

1. कैंब्रिज या ऑक्सफ़ोर्ड मे अलग से M.A. डिग्री नही होती..B.A. पास करने के बाद स्टूडेंट के “Conduct” को परख कर M.A. डिग्री दी जाती है..

2. इस M.A. डिग्री के लिए एक फीस ली जाती है..ये कैंब्रिज और ऑक्सफ़ोर्ड के “Statute” मे वर्णित है..

3. Mphil करने की योग्यता बहुत कड़ी है..70% ऑनर्स या GPA 3.6..हाई लेवल की इंग्लिश :- IELTS 7.5 / TOEFL 110 मिनिमम..

4. Mphil करने वाले को यूनिवर्सिटी के सीनेट का मेंबर बनाया जाता है..ये मेंबर यूनिवर्सिटी के चुनाव में हिस्सा ले सकते है..

5. राहुल गांधी कैंब्रिज यूनिवर्सिटी की सीनेट के सम्मानित सदस्य है..कितने दूसरे राजनीतिक दलों के लोग है जो कैंब्रिज, ऑक्सफ़ोर्ड, हार्वर्ड का एडमिशन फॉर्म उठाने की भी योग्यता रखते है?

6. 1950 मे पंडित नेहरुजी को कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के वाईस चांसलर चुनावो में उम्मीदवार बनाया गया था..हालांकि नेहरुजी ने इसकी अनुमति नही दी थी..

7. फर्जी डिग्री वालों का शिक्षित गिरोह” क्या सोच सकता है कि नेहरुजी को कैंब्रिज ने अपने वाईस चांसलर के रूप में चाहा था? ये है राहुल की विरासत..

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