इस विधि से करें देवशयनी एकादशी की पूजा, खुश होकर मनचाहा वरदान देंगे विष्णु

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vishnu

12 जुलाई यानी कल देवशयनी एकादशी हैं इसे हरिशयनी एकादशी भी कहते हैं। इस एकादशी के साथ ही चतुर्मास भी शुरु हो जाएगा। हिन्दू मान्यता के अनुसार इस दौरान शुभकार्य करने के लिए समय सही नहीं रहता हैं। कल से चार महीने यानी 12 जुलाई से 8 नवंबर तक कोई भी शुभ कार्य नहीं हो सकेगा। 8 नवंबर को देवउठनी एकादशी हैं जिसके बाद से शुभकार्य शुरु हो जाएंगे। आइए जानते हैं कि इस दिन कैसे करनी चाहिए भगवान विष्णु की पूजा ।

इस विधि से करें विष्णु का पूजन

देवशयनी एकादशी के आप सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि के बाद घर में या किसी अन्य मंदिर में भगवान विष्णु की सोने, चांदी, तांबे या पीतल की मूर्ति की स्थापना कर इसकी पूजा करें। विष्णुजी को पीला कपड़ा अर्पित कर व्रत करने का संकल्प कर विधिवत आरती करें और अन्य भक्तों को प्रसाद वितरीत करें। ब्राह्मणों को भोजन कराएं और दक्षिणा दें। पूजा खत्म होने के बाद विष्णु जी को मुलायम या गद्देदार पलंग पर शयन कराए। भगवान विष्णु की विधि से पूजा करनें से वे अपने भक्तों से खुश होकर उन्हें मन चाहा वरदान देते हैं।

इस दिन भूल से भी इन कामों को ना करें

1- एकादशी के दिन किसी पेड़-पत्ती की फूल-पत्ती नहीं तोड़ना इस दिन अशुभ माना जाता हैं। शास्त्रों में इसे वर्जित माना जाता है।

2- एकादशी के दिन लहसुन, प्याज का सेवन करना भी शास्त्रों में वर्जित माना गया हैं। ऐसा करने पर दोष लगता हैं।

3- एकादशी के दिन उपवास का काफी महत्व होता हैं इस दिन पूरी तरह से ब्रह्माचर्य का पालन करना चाहिए।

4- एकादशी के दिन को बिस्तर पर सोना वर्जित माना गया हैं। इस दिन जमीन पर सोना चाहिए।

5- एकादशी के दिन मांस और नशीली वस्तुओं का सेवन करना भी शास्त्रों में वर्जित माना गया है।

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