हेरिटेज निजी बिल्डिंग का हेरिटेज लुक बनाये रखते हुए कर सकेंगे कमर्शियल उपयोग

जिनकी जमीन ग्रीन बेल्ट में है उनको दूसरी जगह टी दी आर मिलेगा,ताकि उनको भी फायदा हो सकेगा। हर मल्टी की सोसायटी बनेगी। जो मेंटेनेन्स नही देगा उस पर कार्रवाई होगी।

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इंदौर: रीयल स्टेट पॉलिसी 2019 में सरकार ने नागरिकों, कॉलोनाइजर और निवेशक सभी के लिए कई प्रावधान किए हैं। नई पॉलिसी में घर बनाने के लिए 27 प्रकार के दस्तावेज जमा करने की जगह अब केवल पांच दस्तावेज ही मांगे जाएंगे। इस नीति के बारे में बताते हुए प्रमुख सचिव संजय दुबे ने कहा कि प्रदेश में ग्रीन टी दी आर पॉलिसी आएगी। जिनकी जमीन ग्रीन बेल्ट में है उनको दूसरी जगह टी दी आर मिलेगा,ताकि उनको भी फायदा हो सकेगा। हर मल्टी की सोसायटी बनेगी। जो मेंटेनेन्स नही देगा उस पर कार्रवाई होगी।

संजय दुबे ने आगे कहा कि 1100 फिट प्लाट के नक्शे घर बैठे मंजूर होंगे। आवासीय प्लाट पर कमर्शियल उपयोग करने पर हेवी पेनाल्टी लगेगी। अब मास्टर प्लान के हिसाब से ही समय सीमा में विकास होगा। इसके अलावा इसमें नागरिकों को छोटे आवासों की तत्काल अनुमति, नुजूल अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के प्रावधानों को कम करने, राजस्व, टाउन एंड कट्री प्लानिंग और नगरीय निकायों के दस्तावेजों में सामंजस्य, लैंड पुलिंग के माध्यम से अधिक भूमि की वापसी, पुरानी स्कीम के लिए पारदर्शी निर्णय की प्रक्रिया, बंधक संपत्ति को चरणों में रिलीज करने की व्यवस्था भी की गई है।

कॉलोनाइजरों के लिए एक राज्य एक पंजीकरण, अवैध कॉलोनाइजेशन रोकने के लिए दो हेक्टेयर की सीमा समाप्त करने, कॉलोनी के विकास और पूर्णता की तीन चरणों में अनुमति, ईडब्ल्यूएस निर्माण की अनिर्वायता से छूट जैसे प्रावधान किए गए हैं। इसी प्रकार निवेशकों के लिए राजस्व, प्लानिंग एरिया की सीमा पर फ्री फ्लोर एरिया अनुपात (एफएआर), ईडब्ल्यूएस/एलआईजी बनाने वाले निवेशकों को प्रोत्साहन जैसे कई प्रावधान भू-संपदा नीति में किए गए हैं।

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