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क्या ‘बजट बाण’ पर भारी पड़ेगा ‘राम बाण’?

Posted on: 01 Feb 2019 17:54 by Surbhi Bhawsar
क्या ‘बजट बाण’ पर भारी पड़ेगा ‘राम बाण’?

सुरभि भावसार
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लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मोदी सरकार ने अपना दांव खेल दिया है। अपने अंतरिम बजट में मोदी सरकार ने माध्यमवर्गीय, किसानों और युवाओं के लिए राहत का पिटारा खोल दिया है। मध्यम वर्ग के लिए इनकम टैक्स की सीमा 2.5 से 5 लाख रुपये कर दी है, वही छोटे किसानों को हर साल 6 हजार रुपये की मदद दी जाएगी। चुनाव से पहले किसानों, मजदूरों और नौकरीपेशा लोगों के लिए सरकार द्वारा राहत का पिटारा खोलना स्वाभाविक है।

बजट पेश होने के बाद कहा जा रहा है कि आम जनता को बजट से कोई लेना-देना नहीं है। आम लोग बस यह जानना चाहते है कि उन्हें क्या राहत मिली है। दूसरी तरफ राम मंदिर भी बहुत बड़ा मुद्दा बना हुआ है। राम मंदिर निर्माण के लिए लगातार मांग उठ रही है, साधु-संत मोदी सरकार ने नाराज चल रहे है, सरकार पर सवाल उठाए जा रहे है।

प्रयागराज कुंभ में हुई जगतगुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती की धर्मसंसद में फैसला लिया गया कि 21 फरवरी को साधु-संत अयोध्या कूच करेंगे। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भी बड़ा बयान देते हुए कहा कि अयोध्या में सिर्फ भव्य राम मंदिर ही बनेगा। एक कार सेवा से मंदिर बनने वाला नहीं है, दम है तो फिर कार सेवा करों। राम मंदिर निर्माण को लेकर साधु-संतों के तेवर चरम पर है। ऐसे में कहा जा रहा है कि मोदी सरकार का ‘बजट बाण’ कही राम मंदिर पर आकर ना अटक जाए। गौरतलब है कि साधु-संत पिछले कुछ समय से साधु-संत कह रहे है कि मंदिर नहीं तो वोट नहीं।

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