“टूटी परंपरा” ब्रिफकेस की जगह लाल कपड़े में आया बजट, जानिए क्यों

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नई दिल्ली : मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट पेश करने आई वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के हाथ में कोई ब्रिफकेस नहीं था बल्कि ब्रिफकेस की जगह लाल कपड़े में बजट दस्तावेज लेकर बाहर आयी थीं। संसद भवन जाने से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपनी बजट की टीम के साथ फोटो खिचवाया।

वित्त मंत्री

वित्त मंत्री के हाथ में ब्रिफकेस की जगह लाल कपड़े में बजट देख एक बड़े बदलाव की नई तस्वीर सामने आई हैं। निर्मला ने अभी तक चली आ रही प्रथा को पूरी तरह बदल दिया। इसे बजट नहीं बल्कि बहीखाता कहा गया। हर बार बजट पर तस्वीर आती थी कि वित्त मंत्री के हाथ में एक रेड ब्रीफकेस होता है। उनके हाथ में एक मखमली लाल कपड़ा था, जिसमें बजट की कॉपी बंद थी। लाल कपड़े में भारत का राष्ट्र चिन्ह बना हुआ था और इसे लाल-पीले रिबन से बांधा गया था।

निर्मला ने कहा- ‘यह भारतीय परंपरा है। यह पश्चिमी विचारों की गुलामी से निकलने का प्रतीक है। यह बजट नहीं बहीखाता है।’ बता दें कि आजादी के बाद देश का पहला बजट तत्कालीन फाइनैंस मिनिस्टर आर.के. शणमुगम शेट्टी ने 26 नवंबर, 1947 को पेश किया था।वह तब बजट के दस्तावेज लेदर बैग में लेकर आए थे।

अंग्रेजों के जमाने की परंपरा
बता दें, 1733 में जब ब्रिटिश प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री (चांसलर ऑफ एक्सचेकर) रॉबर्ट वॉलपोल संसद में देश की हालत का लेखाजोखा पेश करने आए थे तब अपना भाषण और उससे संबंधित दस्तावेज चमड़े के एक बैग में रखकर लाए थे, तब से ये ब्रिफकेस वाली प्रथा चली आ रही हैं, लेकिन आज इस प्रथा को निर्मला सीतारमण ने तोड़ दिया।

पुरे साल के बजट की रिपोर्ट पेश करने के लिए आर्थिक सर्वे में देश के विकास का सालाना रिपोर्ट होती है जिसमें ये बताया जाता है कि पिछले 12 महीनों के दौरान देश की अर्थव्‍यवस्‍था और सरकार की योजनाओं से क्‍या प्रगति हुई है, ये दस्‍तावेज वित्‍त मंत्रालय के मुख्‍य आर्थिक सलाहकार तैयार करते हैं, इस सर्वेंक्षण से ये भी पता चलता है कि सरकार की नीतियों से देश को फायदा हो रहा है या नहीं।

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