जीवन में पुस्तकें सदैव आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है- विकास राज्यमंत्री

जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्यमंत्री अर्जुनसिंह बामनिया ने कहा कि पुस्तकें जीवन में सदैव आगे बढ़ने को प्रेरित करती हैं। वर्तमान डिजिटल युग में किताबी ज्ञान का होना अति आवश्यक है।

0
24
rajasthan

जयपुर : जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्यमंत्री अर्जुनसिंह बामनिया ने कहा कि पुस्तकें जीवन में सदैव आगे बढ़ने को प्रेरित करती हैं। वर्तमान डिजिटल युग में किताबी ज्ञान का होना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में इस मेले का आयोजन एक सराहनीय प्रयास है एवं विभिन्न साहित्यकारों, लेखकों एवं दार्शनिकों द्वारा लिखी गई ये किताबें जीवन में सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है, ऎसे में स्थानीय विद्यार्थियों को घर बैठे आई ज्ञान गंगा का लाभ उठाना चाहिए। बामनिया ने शनिवार को उदयपुर में महात्मा गांधी जी 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, जिला प्रशासन, तथा राष्ट्रीय पुस्तक न्यास भारत के तत्वावधान में आयोजित पुस्तक मेले के शुभारंभ के दौरान यह बात कही।

ज्ञान गंगा का लाभ उठावें विद्यार्थी –
इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए सांसद अर्जुन लाल मीणा ने विभाग एवं एनबीटी को इस वृहद स्तरीय आयोजन की बधाई देते हुए इसे उदयपुर वासियों के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि पुस्तकों में समाहित ज्ञान चिर व अविस्मरणीय होता है। उन्होंने आमजन से भी इस मेले में भाग लेने क आह्वान किया। टीएडी आयुक्त शिवांगी स्वर्णकार ने ज्ञान को सबसे बड़ी शक्ति बताया और कहा कि इस मेले के माध्यम से यहां आने वाले आगन्तुकों एवं वि़द्यार्थियों को महात्मा गांधी के विचारों एवं आदर्शों से प्रेरित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रख्यात लेखक डॉ. राजेश कुमार व्यास ने किताबों को जीवन बदलाव का माध्यम बताया और कहा कि हर किताब हमे कुछ न कुछ जरूर सिखाती है। उन्होंने समाज के सुव्यवस्थित विकास के लिए वर्तमान समय में पुस्तकों की आवश्यकता भी उद्घाटित की।

नेशनल बुक ट्रस्ट इंडिया के प्रतिनिधि महापात्रा ने मेले के आयोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए मेला अवधि में होने वाले विविध आयोजन की विस्तृत जानकारी दी। स्वागत उद्बोधन टीएडी के अतिरिक्त आयुक्त रामजीवन मीणा ने दिया जबकि आभार अंजलि राजौरिया ने जताया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन विभाग के शिक्षा अधिकारी प्रदीप पानेरी ने किया।

उद्घाटन कर किया मेले का अवलोकन-
इससे पूर्व मुख्य अतिथि बामनिया ने विधिवत फीता काटकर इस मेले का शुभारंभ किया और मेले के लगी विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन कर यहां प्रदर्शित व बिक्री के लिए उपलब्ध पुस्तकों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने टीएडी व टीआरआई के स्टॉल पर महात्मा गांधी पर आधारित वृत्त चित्र को भी देखा।

मेले में रहेगी 10 प्रतिशत की छूट-
पुस्तक मेले के दौरान सभी प्रकाशकों/पुस्तक विक्रेेताओं द्वारा सभी पुस्तकों की खरीद पर 10 प्रतिशत की छूट दी जाएगी एवं पुस्तकालयों को विशेष छूट प्रदान की जाएगी। मेला 20 अक्टूबर तक आयोजित होगा और इस पुस्तक मेले में प्रवेश निःशुल्क है।

ये निभा रहे भागीदारी-
पुस्तक मेले में देश के प्रमुख प्रकाशक एवं संस्थान जिसमें साहित्य अकादमी, प्रकाशन विभाग, सस्ता साहित्य मंडल, नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया, लोकायत प्रकाशन, राजस्थान साहित्य अकादमी, राजकमल प्रकाशन, राधाकृृष्ण प्रकाशन, लोकभारती प्रकाशन, प्रकाशन संस्थान, राजस्थान हिंदी ग्रंथ अकादमी तथा वाग्देवी प्रकाशन इत्यादि अपने-अपने प्रकाशनों को प्रदर्शित करेंगे तथा मेले मेें 55 से अधिक प्रकाशक भागीदारी निभा रहे है।

इस अवसर पर उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया, समाजसेवी लालसिंह झाला, टीएडी आयुक्त श्रीमती शिवांगी स्वर्णकार, जनजाति विभाग के अतिरिक्त आयुक्त रामजीवन मीणा एवं अंजलि राजौरिया, प्रख्यात लेखक डॉ. राजेश कुमार व्यास, नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया के प्रतिनिधि मानस रंजन महापात्रा आदि मौजूद रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here