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सच जिन्दा रहे, इसलिए बॉलीवुड में बढ़ रहा बायोपिक का क्रेज

Posted on: 13 Jul 2019 11:02 by Ayushi Jain
सच जिन्दा रहे, इसलिए बॉलीवुड में बढ़ रहा बायोपिक का क्रेज

मुंबई : बॉलीवुड एक ऐसी इंडस्ट्री हैं जहां भारतीय फिल्मों को नया विषय मिल गया है। पिछले कुछ सालों से फिक्शन सहित अन्य जॉनर की फिल्मों के साथ- साथ अब मेकर्स और दर्शकों की बायोपिक्स भी पसंद आ रही हैं। ऐसे में हर कोई कोशिश कर रहा है कुछ न कुछ नया करने का जिससे दर्शकों को मजा आए और फिल्में भी पैसा कमाए।

दूसरों पर बानी बायोपिक उनकी लगन और मेहनत से जनता को न केवल प्रेरित करती है बल्कि प्रेरणा दायक भी होती है। बॉयोपिक जीवन पर आधारित फिल्मों में से एक हैं जिसमे किसी पूर्व घटित घटना को फ़िल्म का रूप दिया जाता हैं। बायोपिक में किसी के जीवन के बारे में बताया जाता हैं। ऐसे में कई क्षेत्र के दिग्गजों और कई घटनाओं पर बायोपिक बनना शुरू हो गई हैं।

कुछ बायोपिक्स जहां मिसाल कायम कर रही हैं तो कुछ का हाल ऐसा भी हो जाता है कि बड़े पर्दे पर कब आईं और कब गईं किसी को पता भी नहीं चल पाता। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बॉलीवुड की पहली बायोपिक कौन सी थी ? या फिर बायोपिक्स का ट्रेंड कब से चल रहा है ? ऐसे ही बायोपिक से जुड़ीं कई बातें आज हम आपको बताने जा रहे हैं।

बायोपिक क्या होता हैं –
बायोपिक का मतलब जीवनी होता हैं। जिसमें किसी भी व्यक्ति या घटना के बारे में पूरी जानकारी दी जाती हैं। जब इस पर स्क्रिप्ट लिखी जाती है तो उससे बायोग्राफी कहा जाता हैं। उसके बाद जब इस पर फिल्म बनती है तो उससे बायोपिक का नाम दे दिया जाता हैं। बता दे, बायोपिक की जरुरत इसलिए पड़ी क्यूंकि आज की पीढ़ी को हम किसी घटना या शख्स के बारे में बता सके।

घटनाओं से जुड़ी कुछ बायोपिक हमारी जानकारी बढ़ाती हैं तो वहीं शख्सियतों से जुड़ी बायोपिक हमें बताती हैं कि वो शख्स क्यों अहम था। इसके आलावा कई बायोपिकों में यह भी बताया जाता है कि सफलता का सफर आसान नहीं होता और इसके लिए जमकर मेहनत करनी पड़ती है। बायोपिक में विवाद की बात भी सबसे ज्यादा होती हैं कुछ फिल्म रिलीज़ होने से पहले ही विवाद में आ जाती हैं। वैसे बायोपिक्स का विवादों से भी काफी करीबी रिश्ता है।

हाल ही में रिलीज हुई पीएम नरेन्द्र मोदी की बायोपिक काफी विवादों में रही। इसके पहले भी कई बायोपिक्स पर विवाद हुए हैं। विवादों में रही बायोपिक्स की बात करें तो संजू, मणिकर्णिका.., दंगल, ठाकरे, हसीना पारकर, शाहिद, अलीगढ़, मंटो, सरबजीत और बैंडिट क्वीन सहित कई बायोपिक्स पर विवाद हो चुका है। कभी आरोप लगे हैं कि खास फायदे के लिए बायोपिक बनाई गई तो कभी आरोप लगे कि बायोपिक में सच्चाई नहीं दिखाई गई है।

पहली बायोपिक –
बॉलीवुड इंडस्ट्री की सबसे पहली बायोपिक कोनसी थी आप यह जानने के लिए बेताब होंगे आज हम आपको बताते है की बॉलीवुड में सबसे पहली बायोपिक किसपर बानी। बता दें कि भारतीय सिनेमा की शुरुआत ही बायोपिक के साथ हुई थी। 1913 में पहली भारतीय फिल्म ‘राजा हरीशचंद्र’ बनी थी। फिल्म का निर्देशन दादासाहेब फाल्के ने किया था। पूरी फिल्म राजा हरीशचंद्र के जीवन पर आधारित थी। ऐसे में इसे भारतीय सिनेमा की पहली बायोपिक कहा जा सकता है। फिल्म में मुख्य किरदार दत्तात्रय दामोदर दबके और अन्ना सालुंके ने निभाया था। दत्तात्रय जहां हरीशचंद्र बने थे तो वहीं अन्ना उनकी पत्नी बनी थीं।

इन क्षेत्रों में ज्यादा बानी बायोपिक –
1913 से शुरू हुआ बायोपिक का सिलसिला पिछले कुछ सालों में काफी बढ़ गया है। राजनीति हो, स्पोर्ट्स हो या फिर कोई बड़ी घटना करीब-करीब सभी पर बायोपिक बनी हैं और आगे भी तेजी से काम जारी है। वैसे तो स्पोर्ट्स पर काफी बायोपिक बानी है लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे खास बायोपिक के बारे में और साथ ही एक्टर्स के किरदार के बारे में। पान सिंह तोमर (इरफान खान), भाग मिल्खा भाग (फरहान अख्तर), मैरी कॉम (प्रियंका चोपड़ा), अजहर (इमरान हाशमी), बुधिया सिंह: बॉर्न टू रन (मनोज वाजपेयी और मयूर पटोले), दंगल (आमिर खान), सचिन ए बिलियन ड्रीम्स (सचिन तेंदुलकर), एम एस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी (सुशांत सिंह राजपूत), सूरमा (दिलजीत दोसांझ) और गोल्ड (अक्षय कुमार)।

स्पोर्ट्स के अलावा राजनीति के क्षेत्र में कई बायोपिक बनी हैं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस: द फॉर्गटन हीरो (2005), सरदार (1993), डॉ बाबासाहेब आम्बेडकर (2000), गांधी (1982), ठाकरे (2019), द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर (2019), पीएम नरेन्द्र मोदी (2019), द ताशकंद फाइल्स ( 2019) और गांधी, माय फादर (2007)।

स्पोर्ट्स और राजनीति के अलावा भी कई ऐसी बायोपिक्स हैं जो काफी सुर्खियों में रहीं। गुरु (2007), द लीजेंड ऑफ भगत सिंह (2002), शाहिद (2012), बैंडिट क्वीन (1994), नीरजा (2016), अलीगढ़ (2015), मांझी: द माउंटेन मैन (2015), संजू (2018), मणिकर्णिका द क्वीन ऑफ झांसी (2019), डैडी (2017), हसीना पारकर (2017), सरबजीत (2016), एयरलिफ्ट (2016), मैं और चार्ल्स (2015), मंगल पांडे (2005) और अब तक छप्पन (2004) जैसी फिल्में शामिल हैं। ये फिल्मे या तो किसी शख्स के बारे में हैं या फिर किसी घटना/ किस्से के बारे में।

अपकमिंग बायोपिक्स –
बायोपिक का यह बढ़ता ट्रेंड आने वाले वक्त में और बढ़ता नजर आ रहा है। ऋतिक रोशन स्टारर फिल्म सुपर 30 रिलीज हो चुकी है। इसके अलावा गुंजन सक्सेना, ओशो, छपाक, ये दिल मांगे मोर, अभिनव बिंद्रा, सायना, शकीला, पीवी सिंधू और मोगुल आदि जैसी कई बायोपिक भी कतार में हैं। कुछ पर काम शुरू हो चुका है तो वहीं कुछ पर काम शुरू करने की बात जारी है।

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