Black Ribbon Initiative : सायबर सुरक्षा एवं जागरूकता अभियान की 553वीं कार्यशाला गरिमा विद्या विहार, सीनियर सेकेण्डरी स्कूल में सम्पन्न

डॉं. कपूर द्वारा वर्तमान में बढ़ रहे सायबर अपराध से बच्चों को अवगत कराने तथा इनसे बचने संबंधी जानकारी दी गई । उन्होंने कहा कि इंटरनेट की दुनिया से जितना लाभ है उसका प्रयोग करने में उतनी ही सावधानी बरतना बहुत जरूरी है ।

इंदौर। डॉं. वरूण कपूर-अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक द्वारा “Black Ribbon Initiative” ‘‘संदेश’’ अभियान अंतर्गत श्री गरिमा विद्या विहार, हायर सेकेण्डरी स्कूल, 32 किला मैदान रोड, इंदौर के बच्चों के लिये दिनांक-20.08.2022 को आयोजित 553वीं कार्यशाला में बच्चों को बताया गया कि आपकी जानकारी के साथ जागरूकता ही सायबर अपराध से बचने का एकमात्र उपाय है। फेसबुक, इंस्टग्राम, व्हाट्सअप, सोशल मीडिया आदि का उपयोग काफी बढ़ गया है । सभी के पास लेपटॉप/मोबाईल उपलब्ध हैं । बिना जॉंच-पड़ताल के किसी की भी फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें । आपकी एक गलती आपके लिये गंभीर समस्या खड़ी कर सकती है । कार्यशाला में स्कूल के 609 छात्र-छात्रायें एवं 22 अध्यापकगण सम्मिलित हुये ।
डॉं. कपूर द्वारा वर्तमान में बढ़ रहे सायबर अपराध से बच्चों को अवगत कराने तथा इनसे बचने संबंधी जानकारी दी गई । उन्होंने कहा कि इंटरनेट की दुनिया से जितना लाभ है उसका प्रयोग करने में उतनी ही सावधानी बरतना बहुत जरूरी है । साथ ही सायबर अपराध सायबर बुलिग, गेमिंग, स्टॉकिंग, फिशिंग आदि के बारे में बताते हुए कहा गया कि सायबर अपराधी नये-नये तरीकों से घटनाओं को अजाम दे रहे है।

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बच्चे ऑनलाईन गेमिंग का भी हो रहे शिकार

इसके लिये सतर्क रहे एवं अनजान विडियो काल स्वीकार न करें लालच और शार्टकट से बचें । लुभावने विज्ञापन, अनजान ई-मेल, लिंक को ओपन न करें और न कोई जानकारी शेयर करें। आजकल बच्चे ऑनलाईन गेमिंग का शिकार भी हो रहे हैं। अधिकांश ऑनलाईन गेम, गेम न होकर चेलेंज है जिसका अंतर बच्चे समझ नहीं पाते हैं और जुनून में आकर सायबर अपराधियों के चुंगल में फंस जाते है और अवसादग्रस्त होकर आत्महत्या तक कर लेते हैं या किसी बड़ी घटना को अंजाम दे देते हैं । बच्चें स्वयं ऑनलाईन गेमिंग का समय निर्धारित करें व अभिभावकगण उन पर निगरानी रखें । डॉं. कपूर ने सायबर अपराध से बचने के लिये जानकार के साथ ही जागरूक बनने के लिये बच्चों को प्रेरित किया।

डॉं. कपूर द्वारा बच्चों के प्रश्नों का समाधान किया गया । कार्यशाला में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दो सक्रिय विद्यार्थियों क्रमशः कु0 प्राची एवं राज को डॉं. कपूर ने प्रमाण-पत्र व गोल्डन बैज प्रदान कर सम्मानित किया।