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इंदौर नगर पालिक निगम का काला दिन

Posted on: 14 Jun 2019 07:57 by Mohit Devkar
इंदौर नगर पालिक निगम का काला दिन

भारतीय लोकतंत्र की छोटी परंतु सबसे महत्वपूर्ण  इकाई है, नगर पालिक निगम, और इस इकाई का दो शब्दों से गहरा नाता है। शुचिता और गरिमा। इन दोनों शब्दों के अर्थ व्यापक है जिनका भाव यहीं है कि पवित्रता बनी रही, परंपरा दूषित ना हो, मर्यादा का उल्लंघन ना हो। लेकिन आज 13 जून 2019 का दिन इंदौर नगर पालिक निगम के लिए काला दिवस बनकर आया जहां इन दोनों शब्दों के व्यापक भावार्थ की धज्जियां उड़ती दिखी। कई घंटों तक सब कुछ तार-तार होता दिखा। एक तरफ इंदौर नगर निगम की मर्यादा के साथ खिलवाड़ होता रहा तो दूसरी तरफ कुछ कांग्रेस पार्षदों ने लोकतंत्र की गरिमा को धूल-धूसरित कर करने का काम किया ।

इंदौर की 25 लाख जनता ने वह सब देखा जो नगर निगम महत्वकांक्षा, अभिलाषा और विकास का प्रतिनिधित्व करती है और जनता और सरकार के बीच की कड़ी है। लेकिन 13 जून को नगर निगम की परिभाषा वह नहीं रही जिसकी व्याख्या भारतीय लोकतंत्र में की गई है।

इंदौर नगर निगम की बैठकों में , सम्मेलन में बहस,चर्चा और व्यवधान तो हम सबने हमेशा देखा है। लेकिन गुरुवार 13 जून को mic सदस्य श्री सुधीर देडगे जी के साथ जो धक्का मुक्की और अपशब्दों का प्रयोग, व अवांछनीय लोगो का इंदौर नगर के विकास के लिए प्रस्तुत होने वाले निगम के महत्वपूर्ण बजट में आकर हंगामा करना, व्यक्तिगत झंडे लहराना, अधिकारियों को अपशब्द कहना ,जैसी घटनाएं निगम की गरिमा को यकीनन प्रभावित करती है।

ऐसा लगा ही नहीं कि यह कोई निगम का बजट सत्र है। बल्कि किसी राजनीति के ऐसे मैदान का अखाड़ा नजर आया जहां नैतिकता का गला घोंटा गया, गरिमा को बेशर्मी की जंजीर पहनाई गई और शुचिता को ताक पर रखकर वह सब हंगामा बरपाया गया जो, इंदौर नगर निगम को कलंकित करने वाली कांग्रेस पार्टी व उसके पार्षदों ने चाहा था। शायद इंदौर नगर निगम को कलंकित करने के दौरान पार्षद व उनके द्वारा लाए गए अवांछनीय भीड़ यह भूल गयी थी कि वह एक पार्षद है, जिन्हें हज़ारो जनता ने चुनकर प्रतिनिधित्व करने के लिए भेजा है।

यह लोकतंत्र के लिए दुखद है कि शांति रखने की सभी अपीलों के बावजूद इस तरह की चीजें हो रही हैं।अशोभनीय कवायदों के बीच कांग्रेस की मानसिकता पूरी तरह चरितार्थ होती नजर आयी और साथ ही अधिकारी प्रदेश सरकार के कितने दबाव में है ये भी देखने को मिला। इंदौर शहर की महापौर श्रीमति मालिनी लक्ष्मणसिंह जी गौड़ , पार्षदों, अधिकारियों की मेहनत व इंदौर की जनता के सहयोग से इंदौर ने स्वच्छ्ता में पूरे देश मे मिसाल कायम की है, उस शहर की गरिमा को दूषित करने का काम बौखलाई हुई कांग्रेस व उसके जनप्रतिनिधियों ने किया है। और कांग्रेस की इस बौखलाहट का जवाब इंदौर की जनता कांग्रेस को आने वाले समय मे देगी।

लेखक – दीपक जैन (टीनू) पार्षद

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