भाजपा का हर क्षेत्र के लिए अलग एक्शन प्लान

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मुकेश तिवारी
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लगातार चौथी बार मप्र फतह करने के इरादे से चुनाव मैदान में उतरी भाजपा हर क्षेत्र के लिए अलग एक्शन प्लान पर काम कर रही है। यह प्लान बनाते वक्त इन क्षेत्र की भौगोलिक, राजनीतिक, शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक स्थिति का खूब ख्याल रखा गया है। इसके अनुरूप ही अब चुनाव प्रचार अभियान को गति दी जाएगी।

भाजपा के रणनीतिकारों की मानें तो मालवा, निमाड़, मध्यभारत, महाकौशल, बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में अलग-अलग एक्शन प्लान लागू होगा। इसमें भी आदिवासी सीटों के लिए और अलग रणनीति रहेगी। भाजपा के राष्ट्रीय संगठन की ओर से मप्र में तैनात किए गये केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ मंथन में यह बातें रखी जा चुकीं हैं। बताया जाता कि प्रधान के सामने संगठन और रणनीति के पुराने स्थानीय अनुभवी नेताओं ने यह साफ कर दिया कि पूरे मप्र को एक नहीं क्षेत्रवार देखने की जरूरत है।

मालवा के किसान और जातीय आंदोलन प्रभावित क्षेत्रों, ग्वालियर-चंबल संभाग के जातीय आंदोलन प्रभावित क्षेत्रों में अलग रणनीति के तहत चुनाव प्रचार अभियान चलेगा। आदिवासी बहुल्य झाबुआ, रतलाम, धार, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर, उमरिया आदि जिलों की विधानसभा सीटों पर भाजपा अलग रणनीति के साथ उतरेगी। विंध्य के सवर्ण बहुल इलाकों में उसका एक्शन प्लान अलग होगा। इस प्लान के तहत ही वहां मुद्दे उठाए जाएंगे और चुनाव घोषणा-पत्र रखा जाएगा। बड़े नेताओं की सभा, रैली और रोड शो भी उसी के अनुरूप होंगे। भाजपा संगठन इस बार केवल कांग्रेस और बसपा के प्रभाव वाले क्षेत्र पर ही नजर नहीं गड़ाए है। उसकी निगाह सपाक्स, जयस आदि जातीय संगठनों की गतिविधियों और चुनावी रणनीति पर भी है।

लेखक वरिष्ठ पत्रकार और ghamasan.com के संपादक हैं।

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