भारतमाता, बुलेटवाहिनी…! सांच कहै ता/जयरामशुक्ल

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इस चुनाव बाद काफी कुछ नया होने वाला है। आज जहां गाांव दिख रहे हैं वहां कल शहर उग आएंगे। भारतमाता ग्रामवासिनी नहीं रह जाएंगी। सवारी के लिए बुलेट ट्रेनों का इंतजाम किया जा रहा है।

गरीब रिसॉर्ट में रहेंगे,हर महिलाओं के पास नेटफ्री एंड्रॉयड मोबाइल होगा, बच्चे पैदा होते ही कम्यूटर से खेलेंगे। किसानों की खेती कारपेरेट्स करेंगे, उसके एवज मे जो नगदी मिलेगी उसे वे शॉपिंगमॉल में उड़ाएंगे।

कल्लूलाल की पार्टी का घोषणापत्र लल्लूलाल की पार्टी के पिछले घोषणापत्र से एक कदम आगे है। उनका चुनावी दस्तावेज इनके खयाली दस्तावेज के सामने जरा फीका है। दोनों में जो सपने दिखाए गए हैं वो कोई नए नहीं हैं।

जिंदगी की मगजमारी में आदमी जिसे कि वोटर कहा जाता हेै ,भूल जाता है कि पांच साल

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