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भय्यू जी महाराज की आत्महत्या पर बड़ा खुलासा, पुलिस के हाथ लगा 11 पन्नों का सीक्रेट लेटर

Posted on: 29 Jun 2018 06:51 by Surbhi Bhawsar
भय्यू जी महाराज की आत्महत्या पर बड़ा खुलासा, पुलिस के हाथ लगा 11 पन्नों का सीक्रेट लेटर

इंदौर: राष्ट्रीय संत भय्यू महाराज के सुसाइड मामले की जांच में एक बड़ा सुराग पुलिस के हाथ लगा है। पुलिस के पास 11 पन्नों का एक गोपनीय पत्र आया है, जिसमे उनके आत्महत्या करने के कारणों का खुलासा किया है। पुलिस इस पत्र की जांच में जुट गई है।

इस पत्र में लिखा है कि “मै भय्यू जी महाराज का विश्वसनीय सेवादार हूं, लेकिन मौत के डर से नाम उजागर नहीं कर सकता। पत्र में कहा गया है कि वह भय्यू महाराज की मौत का पूरा राज जनता है। उसने बताया कि भय्यू जी महाराज पिछले दो सालो से मानसिक तनाव में थे। डॉ आयुषी के आने के बाद वह अकेला महसूस करने लगे थे। डॉ आयुषी ने उनपर निगरानी रखना शुरू कर दिया था। वह महाराज से जुड़े हर व्यक्ति, घर और आश्रम में होने वाली बैठकों के बारे में सेवादार और नौकरों से जानकारी लेने लगी थी।

इस कारण भय्यू जी को कई बार करीबियों से छुपकर बातें करना पड़ती थी। डॉ आयुषी भय्यू जी की पहली पत्नी माधवी के बारे में चर्चा करने पर भड़क जाती थी और माधवी की सभी तस्वीरे घर से हटा दी थी। डॉ आयुषी  कुहू से बात करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया था। साथ ही यह भी लिखा गया है कि डॉ आयुषी भय्यू जी की पूरी प्रॉपर्टी हथियाना चाहती थी।

डॉ.आयुषी ने मां रानी और पिता अतुल शर्मा को इंदौर बुलाया और सिल्वर स्प्रिंग फेज-2 में मकान दिलवा दिया। भाई अभिनव और चाचा उमेश शर्मा को आश्रम में काम पर लगवा दिया। उमेश तो आश्रम से 50 हजार रुपए महीना वेतन भी लेने लगा था। घर के ऐसे माहौल के कारण उनकी बहनों और बहनोइयों ने आना बंद कर दिया। इन सबसे महाराज का तनाव इतना बढ़ गया कि उन्हें आत्महत्या करनी पड़ी।

इसलिए नहीं सुनाई दी गोली की आवाज-
गुप्त सेवादार ने पत्र में ये भी बताया कि गोली आवाज क्यों सुनाई नहीं दी। उन्होंने बताया कि घटना के कुछ देर पहले डॉ. आयुषी घर से कॉलेज गई थी लेकिन ऐनवक्त पर लौट आई। उस वक्त घर में कई सेवादार मौजूद थे लेकिन किसी ने भी गोली की आवाज नहीं सुनी।”

पत्र में जो भी बाते लिखी गई है उसे पढ़कर तो यही लग रहा है कि पत्र लिखने वाला भय्यू जी का करीबी या उनके घर में ही रहने वाला कोई सदस्य है।

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