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कौन हैं भय्यू महाराज, क्यों राजनीति के बड़े-बड़े लोग उनके दर पर झुकाते है सर

Posted on: 12 Jun 2018 10:40 by hemlata lovanshi
कौन हैं भय्यू महाराज, क्यों राजनीति के बड़े-बड़े लोग उनके दर पर झुकाते है सर

इंदौर: भय्यू जी महाराज एक ऐसा नाम जिसके आगे भक्त ही नहीं सेलिब्रेटी से लेकर राजनेता तक झुकते थे। धार्मिक आयोजन हो या पॉलिटिकल आंदोलन हर जगह भय्यू महाराज की उपस्थिति अनिवार्य मानी जाने लगी। राजनीति में अहम व्यक्ति अन्ना हजारे से भी उनके अच्छे संबंध थे। Ghamasan.com बता रहा है आखिर कौन है भय्यू महाराज जिनके आगे सभी सर झुकाते हैं।bhayyu maharaj 1

दौलत व शोहरत किसे प्यारी नहीं लगती, जिसके लिए इनका कोई मोल नहीं होता, उसे समाज में संत व महात्मा का दर्जा मिल जाता है। मध्य प्रदेश के शुजालपुर में जन्में उदय सिंह देशमुख भी ऐसे ही लोगों में से एक है, जिन्हें कॉरपोरेट जगत और मॉडलिंग की दुनिया रास नहीं आई। उन्होंने उस चकाचौंध को छोड़कर समाज सुधार का अभियान छेड़ा है। इसीलिए समाज ने उन्हें नया नाम दिया है, ‘भय्यू जी महाराज’।bhayyuji-maharaj 3

माता पिता की इच्छा भी उन्हें (भय्यूजी महाराज) अच्छा इंसान बनाने की रही है, लिहाजा उन्होंने समाज के उपेक्षित वर्ग के लिए काम करने का संकल्प लेते हुए कॉरपोरेट जगत व मॉडलिंग को छोड़ने का फैसला कर लिया। फिर श्री सद्गुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट का गठन किया।bhayyu ji 1

यह ट्रस्ट मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में समाज हित के अनेक कार्य कर रहा है। इसका मकसद पूजा-पाठ को बढ़ावा देना नहीं बल्कि भूखे को रोटी तो रोते को हंसाने का है। महाराष्ट्र के बुलढाना के खमगांव में जरायाम पेशा जाति पारधी के बच्चों के लिए आश्रमशाला चलाई जा रही है, जहां 470 बच्चे आधुनिक शिक्षा हासिल कर रहे हैं। इसी तरह मध्य प्रदेश के धार में आत्महत्या करने वाले किसानों के बच्चों के लिए विद्यालय चलाया जा रहा है।

ट्रस्ट द्वारा किसानों के लिए धरतीपुत्र सेवा अभियान व भूमि सुधार, जल मिट्टी व बीज परिक्षण प्रयोगशाला, बीज वितरण योजना चलाई जा रही है। इसी तरह राष्ट्रीय भावना जागृत करने के लिए भारत माता के मंदिर बनाने व संविधान जागरण अभियान चलाया जा रहा है। भय्यू जी महाराज ने अपनी जमीन बेचकर सूर्योदय आश्रम बनवाया है। इस आश्रम में आने वाले हर व्यक्ति के लिए भोजन का इंतजाम होता है। वे किसी से उपहार या मिठाई आदि नहीं लेते हैं बल्कि ऐसे लोगों से कहते हैं कि वे उनके पास बच्चों के लिए कॉपी आदि लेकर आएं।bhaiyyu ji 5

भय्यू जी महाराज की शादी औरंगाबाद की माधवी निम्बालकर के साथ हुई है। इन्हे अंग्रेजी भाषा के साथ-साथ हिन्दी, मराठी और मालवा क्षेत्र की भाषा का भी सम्पूर्ण ज्ञान है। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कुछ राजनेता इनके श्रद्धालु है। जिनमे से प्रमुख है, विलास राव देशमुख, नारायण राणे, गोपीनाथ मुंडे और कैलाश विजयर्वगीय। वैसे तो हर पार्टी में इनके श्रद्धालु मौजूद हैं।

2005 में भय्यू जी महाराज को एक विवाद का सामना करना पड़ा था जब उन्ही की एक श्रद्धालु सीमा वानखडे ने उनपर एक मुकदमा दायर किया था कि भय्यू जी महाराज उसके पुञ चैतन्य के पिता हैं। महाराष्ट्र के नेताओं के साथ घनिष्ठ संबधो के कारण ही भय्यू जी महाराज को अन्ना को मनाने के लिए चुना गया हैं।

राजनीति, फिल्म इंडस्ट्री और उद्योग जगत के हाईप्रोफाइल भक्त हैं भय्यू महाराज के। आश्रम में आने वाले पहले वीआईपी महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख का नाम भी लिस्ट में है। उनके बाद देश के कई बड़े नेता, अभिनेता, गायक और उद्योगपति उनके आश्रम आ चुके हैं। इनमें पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, पीएम नरेंद्र मोदी, शिवसेना के उद्धव ठाकरे और मनसे के राज ठाकरे, लता मंगेशकर, आशा भोंसले, अनुराधा पोरवाल, फिल्म एक्टर मिलिंद गुणाजी भी शामिल हैं।

सद्भावना उपवास के दौरान मोदी ने बुलाया था गुजरात-

पीएम बनने के पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी सद्भावना उपवास पर बैठे थे। तब उपवास खुलवाने के लिए उन्होंने देशभर के शीर्ष संत, महात्मा और धर्मगुरुओं को आमंत्रित किया था। उसमें भय्यू महाराज भी शामिल थे।

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