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तेज बहादुर का आरोप, BJP ने दिया था 50 करोड़ का ऑफर

Posted on: 03 May 2019 12:05 by Pawan Yadav
तेज बहादुर का आरोप, BJP ने दिया था 50 करोड़ का ऑफर

वाराणसी संसदीय सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए पूर्व सैनिक तेज बहादुर यादव ने पर्चा भरा था, लेकिन दस्तावेज के अभाव में खारिज हो गया। पूर्व सैनिक तेज बहादुर ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने वाराणसी से चुनाव नहीं लड़ने के बदले उन्हें 50 करोड़ रुपए का ऑफर दिया था। यादव का कहना है कि निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन भरने के बाद से ही भाजपा नेता लगातार संपर्क कर रहे थे।

उनका कहना है कि नेता का नाम पर बताने पर जान को खतरा है। नामांकन रद्द होने के बाद तेज बहादुर ने मीडिया से चर्चा में कहा कि उन्हें पहले से ही आशंका थी कि पर्चा खारिज कराने के लिए भाजपा सारे हथकंडे अपनाएगी, इसलिए ही उनके साथ शालिनी यादव ने भी सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया था।

इसी बीच सपा प्रत्याशी शालिनी यादव ने तेज बहादुर को राखी बांधी। तेज बहादुर ने कहा कि वह पांच भाई हैं, लेकिन बहन नहीं थी। शालिनी के रूप में उन्हें बहन मिल गई है। बहन की जीत के लिए अपनी जान दांव पर लगा दूंगा। तेज बहादुर पीएम मोदी के खिलाफ शालिनी यादव के लिए चुनाव प्रचार करेंगे। तेज बहादुर ने आरोप लगाते हुए कहा कि पहले मुझे पीएम मोदी पर भरोसा था कि वो मेरे और देश लिए कुछ करेंगे, इसलिए उन्होंने वह वीडियो सोशल मीडिया पर डाला था। बाद में जब पता चला कि मोदीजी जो दिखते हैं वो हैं नहीं। नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया, बेटे की हत्या करा दी गई। तभी मोदीजी के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला लिया था।

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नामांकन खारिज हाने से नाराज तेजबहादुर ने कहा – जाऊंगा सुप्रीम कोर्ट

लोकसभा चुनाव में वाराणसी सीट से भाजपा प्रत्याशी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टक्कर देने के लिए चुनावी मैदान में उतरे बीएसएफ से बर्खास्त सिपाही तेज बहादुर यादव का नामांकन रद्द हो गया है। जिससे बाद अब तेज बहादुर इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कार्ट की शरण लेंगे। उन्होने कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय जाऐंगे।

वही सपा-बसपा के उम्मीदवार सिपाही तेजबहादुर का नामांकन रद्द होने पर बसपा और सपा को बड़ा झटका लगा है। निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी किए गए दो नोटिसों का जवाब देने बुधवार दोपहर 11 बजे तेज बहादुर यादव अपने वकील के साथ आरओ से मिलने पहुंचे थे। कलेक्ट्रेट ऑफिस से बाहर आने के बाद तेजबहादुर ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि उनका नामांकन गलत तरीके से रद्द किया गया है। इसके लिए वह अब सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।

उन्होंने नामांकन रद्द करने के लिए सरकार द्वारा डीएम पर दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मैं 11ः00 बजे तक अपना स्पष्टीकरण जमा करने गया और मेरा नामांकन यह कह कर खारिज कर दिया गया कि मैंने 11ः00 बजे तक अपने सा साक्ष्य जमा नहीं किया। तेजबहादुर ने दसे तानाशाही रवैया बताया है।

तेज बहादुर के वकील राजेश गुप्ता ने बताया कि हमने प्रशासन द्वारा मांगे गए सभी साक्ष्यों को जमा कर दिया था, लेकिन फिर भी तेज बहादुर का नामांकन रद्द कर दिया गया। हम अपने हक के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। सिपाही तेज बहादुर के नामांकन खारिज होने के बाद अब शालिनी यादव सपा की तरफ से चुनावी मैदान में मोदी को टक्कर देंगी।

बता दे कि तेजबहादुर सहित संत समाज ने भी मोदी के खिलाफ अखिल भारतीय राम राज्य परिषद का उम्मीदवार उतारा था, लेकिन उनके उम्मीदवार का नामांकन खारिज हो गया है।

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