Breaking News

भगवान केदारनाथ के खुले कपाट, साक्षी बने हजारों भक्त | Bhagwan Kedarnath door open for Pilgrims…

Posted on: 09 May 2019 08:39 by Pawan Yadav
भगवान केदारनाथ के खुले कपाट, साक्षी बने हजारों भक्त | Bhagwan Kedarnath door open for Pilgrims…

गुरूवार सुबह ब्रह्म मुहूर्त में घंटे-घड़ियाल और जयकारों के साथ भगवान केदारनाथ के कपाट खोले गए। इस दौरान हजारों भक्त बाबा के दर्शन के साक्षी बने। केदार मंदिर में बाबा की पंचमुखी मूर्ति विराजमान है। अब अगले छह महीने तक बाबा केदार यहीं पर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे।

कपाट खुलने से पहले उत्सव डोली को मुख्य पुजारी केदार लिंग ने भोग लगाया। इसके बाद डोली को सजाया गया। केदारनाथ रावल भीमाशंकर लिंग, वेदपाठियों, पुजारियों, हक्क हकूकधारियों की मौजूदगी में कपाट पर वैदिक परंपराओं के अनुसार मंत्रोच्चारण किया गया। फिर 5 बजकर 35 मिनट पर कपाट खोले गए।

इस दौरान डोली ने मंदिर में प्रवेश किया। ठीक 6 बजे मुख्य कपाट भक्तों के दर्शनाथ खोल दिए गए।

इस दौरान सेना की जम्मू-कश्मीर लाईट इंफेंटरी के बैंड की धुनों के साथ पूरा केदारनाथ भोले बाबा के जयकारों से गुंजायमान हो गया। इसके बाद हजारों भक्तों ने दर्शन के लिए कतार लगाई।

Read More : इंदौर की राजनीति के 48 घंटे मोदी और राहुल के नाम रहेंगे

श्रद्धालुओं का इंतजार खत्म, आज से चारधाम की यात्रा शुरू

चारधाम की यात्रा पर जाने वाले यात्रियों का इंतजार अब खत्म हो गया है, क्योंकि अक्षय तृतीया यानि 7 मई से चारधाम यात्रा का शुभारंभ हो गया है, बल्कि यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट भी इसी दिन के शुभ मुहूर्त में खोले जाएंगे। गंगोत्री मंदिर समिति के मुताबिक अक्षय तृतीया पर कपाट खुलने से पहले गंगाजी की डोली यात्रा गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई। जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर गंगा स्तोत्र, गंगा लहरी एवं गंगा सहस्त्रनाम पाठ कर गंगा का अभिषेक किया गया। इसके बाद अभिजीत मुहूर्त में सुबह 11.30 बजे गंगोत्री मंदिर के कपाट खोले जाएंगे।

इस दौरान श्रद्धालु मंदिर के अंदर जल रही अखंड ज्योति के दर्शन कर सकेंगे। वहीं विधि विधान एवं विशेष पूजा-अर्चना के साथ गंगा जी की भोग मूर्ति को मंदिर के भीतर विराजमान किया जाएगा। इसके बाद मां यमुना की डोली को खरसाली गांव से यमुनोत्री धाम के लिए विदा की जाएगी। मंगलवार को विशेष धार्मिक अनुष्ठान के बाद सुबह 9 बजे मां यमुना की मूर्ति को यमुना मंदिर से बाहर निकाला जाएगा। इसके बाद शनि देवता की अगुवाई में सभी श्रद्धालु मां यमुना की डोली को लेकर यमुनोत्री धाम पहुंचेंगे, जहां विशेष पूजा अर्चना के बाद दोपहर 1.15 बजे के शुभ मुहूर्त में मंदिर के कपाट खोले जाएंगे।
Read More : अक्षय तृतीया पर नहीं खरीद सकते सोना, तो खरीदें ये खास चीजें | Cannot buy Gold on ‘Akshaya Tritiya’

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com