राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस महकमे में मची हलचल, सम्मान ना मिलने से कई विधायक नाराज, छोड़ेंगे पार्टी का दामन?

राजस्थान में बसपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए विधायकों को सम्मान नहीं मिलने से वह काफी नाराज दिखाई दे रहे हैं. अपनी नाराजगी विधायक संदीप यादव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जाहिर की है.

राजस्थान में राज्यसभा चुनाव से पहले बसपा (BSP) का दामन छोड़ कांग्रेस (Congress) में शामिल हुए विधायकों के लगातार एक के बाद एक नए नए बयान और आरोप सामने आ रहे हैं. कोई मुख्यमंत्री पर आरोप लगा रहा है तो किसी का यह कहना है कि हमारी मांगे पूरी नहीं हो रही. इन सबके बीच तिजारा के विधायक संदीप यादव (Sandeep Yadav) का मुख्यमंत्री को लिखा हुआ खत भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. उन्होंने अपने पत्र में कई सारी बातें लिखी है.

मुख्यमंत्री को खत लिखते हुए संदीप यादव ने लिखा कि जहां कांग्रेस के नेता ही उन्हें छोड़कर जा रहे हैं ऐसे समय में बसपा के विधायक उनके साथ खड़े हुए हैं. लेकिन पार्टी की ओर से उन्हें सम्मान नहीं मिल रहा है. बसपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए 2 विधायकों को पार्टी में कोई भी पद नहीं दिया गया है. नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि विधायक अपने काम के लिए चक्कर लगाते रहते हैं और अधिकारी उनका जरा भी सम्मान नहीं करते.

बता दें कि बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए छह विधायक बीते दिनों संदीप यादव के घर पर इकट्ठा हुए थे. इस दौरान राज्यसभा चुनाव से पहले आगे किस तरह काम करना है इसकी रणनीति बनाई गई. तब से ही प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी का दौर चल रहा है. इसे एक तरह से प्रेशर पॉलिटिक्स नाम भी दिया जा सकता है क्योंकि विधायक राज्यसभा चुनाव से पहले सरकार पर दबाव बनाकर अपना काम बनवाना चाहते हैं. तिजारा विधायक ने सीएम को जो खत लिखा है वह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

इस पूरे खत में आलाकमान पर तरह-तरह के आरोप लगाते हुए यह कहा गया है कि यहां उनका सम्मान है जो पार्टी छोड़कर जा रहे हैं. आलाकमान उनकी बात सुन रहा है लेकिन जो बसपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए हैं उन विधायकों की यहां पर कोई इज्जत नहीं की जा रही. आलाकमान की ओर से इन विधायकों को दो सम्मानजनक शब्द भी नहीं बोले जाते. खत में इस बात पर जोर दिया गया कि हमारी समस्या कोई सुन नहीं रहा है जिसके चलते हमारा भविष्य खतरे में है.

खत के जरिए ना सिर्फ आरोप लगाए गए हैं बल्कि कई सवाल भी उठाए गए हैं और पूछा गया है कि आखिर कोई नया व्यक्ति आपकी पार्टी से क्यों जुड़ेगा. पूछा गया कि जब प्रदेश के मुख्यमंत्री जनता से सीधा संवाद कर सकते हैं तो जनप्रतिनिधियों से क्यों नहीं. खत में कहा गया कि हम पांच लाख की आबादी का नेतृत्व करते हैं लेकिन सरकार हमारे साथ भेदभाव कर रही है हाथ में विधायक ने अपने विधानसभा क्षेत्र भिवाड़ी की समस्या सामने रखते हुए लिखा है कि कई मूलभूत मुद्दे जैसे सड़क नाली और टोल ऐसी चीजें हैं जो कई बार सरकार के मंत्रियों के सामने रखे गए हैं लेकिन इनका समाधान आज तक नहीं किया गया है.

खत में विधायक ने यह लिखा है कि मंत्रिमंडल विस्तार के समय बसपा के जो नेता कांग्रेस में शामिल हुए हैं उन्हें पूरी तरीके से सम्मान नहीं दिया गया जिन्हें मंत्री पद दिया गया उन्हें बेहतर प्रोटोकॉल नहीं मिले हैं दो विधायक अभी ऐसे हैं जिन्हें कोई पद नहीं दिया गया है उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि वह सभी विधायकों का ध्यान रखेंगे इसलिए हम अपनी समस्याएं उनके सामने रख रहे हैं. आगे खत में यादों ने कहा कि सभी को अपना भविष्य खतरे में नजर आ रहा है. सभी को यह डर है कि अगर आलाकमान ने कोई नया नियम जारी कर दिया तो मुश्किल हो जाएगी उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार उनकी बात सुने और उन्हें पार्टी में हक दिलाएं.