B’day Special : राष्ट्रीय पुरुष्कार से सम्मानित हुई शबाना के कबीर बेदी थे क्रश, जावेद से की शादी

बॉलीवुड की वरिष्ठ अभिनेत्री शबाना आजमी 18 सितंबर को अपना बर्थडे सेलिब्रेट करती हैं शबाना आजमी को 5 बार राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है जो एक रिकॉर्ड है।

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बॉलीवुड की वरिष्ठ अभिनेत्री शबाना आजमी 18 सितंबर को अपना बर्थडे सेलिब्रेट करती हैं। शबाना आजमी को 5 बार राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है जो एक रिकॉर्ड है। उन्हें पहली बार 1975 में फिल्म ‘अंकुर’, फिर 1983 में ‘अर्थ’, 1984 में ‘खंडहर’, 1985 में ‘पार’ और 1999 में फिल्म ‘गॉडमदर’ के लिए यह सम्मान दिया गया था।शबाना ने ग्लैमरस एक्ट्रेस की भीड़ में खुद की अलग पहचान बनाई।

नज्म शबाना की रगों में थी, खूबसूरती खुदा ने दी और एक्टिंग का हुनर मां से सीखा, और शबाना बेमिसाल बनी गईं। शबाना आजमी खुद को बहुत भाग्यशाली मानती हैं कि उन्हें फिल्मों में आने के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ा। 1973 में वह फिल्म इंस्टीट्यूट पुणे में पढ़ती थीं। निर्देशक ख्वाजा अहमद अब्बास ने उन्हें तब ही साइन कर लिया था जब वो ‘स्टूडेंट’ थी। जिस दिन शबाना आजमी के इंस्टीट्यूट का ‘कोर्स’ खत्म हुआ है उसके अगले दिन से वो फिल्म परिणय में शूट कर रही थीं।

शबाना की फिल्म इंडस्ट्री में फारूख शेख और नसीरूद्दीन शाह से सबसे गहरी दोस्ती रही है। शबाना आजमी और फारूख शेख की दोस्ती सेंट जेवियर्स कॉलेज से थी। फारूख शेख शबाना से दो साल सीनियर थे। शबना जितनी पॉपुलर अपनी अदाकारी के लिए रहीं, उतनी ही सुर्खियां पर्सनल लाइफ को लेकर बटोरीं।

जावेद अख्तर से शादी से पहले शबाना का नाम फिल्म मेकर शेखर कपूर के साथ भी जुड़ा था। हालांकि बाद में ये अफवाह साबित हुई । जावेद और शबाना की लव स्टोरी एक दम फिल्मी है। शबाना आजमी को जावेद अख्तर से नजदीकी की वजह से अपने घर में विरोध का सामना करना पड़ा था। शादीशुदा जावेद से शादी के लिए उनके घरवाले बिल्कुल तैयार नहीं थे ।

जावेद अख्तर की पहली शादी हनी से हुई थी। हनी, जावेद से 10 साल छोटी थीं। उनके दो बच्चे जोया अख्तर और फरहान अख्तर हैं। जावेद अख्तर साल 1970 में शबाना आजमी के पिता कैफी आजमी से लिखने की कला सीखते थे। जावेद अख्तर और शबाना आजमी के बीच इसी दौरान नजदीकियां बढ़ीं। दोनों के बीच अफेयर की भनक मीडिया को भी लग गई। एक ओर जहां जावेद अख्तर शादी के लिए तैयार थे, वहीं शबाना के पिता इस शादी से खुश नहीं थे।

कैफी आजमी को लगता था कि शबाना की वजह से जावेद और हनी के बीच दरार आई। साथ ही वो नहीं चाहते कि शबाना एक शादीशुदा आदमी से शादी करें। शबाना ने पिता को यकीन दिलाया कि जावेद अख्तर की शादी उनकी वजह से नहीं टूटी। तब जाकर कैफी साहब माने। हनी ने जावेद को शबाना के पास जाने की इजाजत दे दी। उन्होंने जावेद से कहा कि वो शबाना के पास जाएं और बच्चों की चिंता ना करें। तब जावेद ने हनी को तलाक दे दिया ।

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