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किसी भी कंपनी को कैरी बैग के पैसे देने से पहले जरुर पढ़ लें ये खबर | Read this Carefully before paying the ‘Carry Bag’ to any Company

Posted on: 16 Apr 2019 15:00 by Surbhi Bhawsar
किसी भी कंपनी को कैरी बैग के पैसे देने से पहले जरुर पढ़ लें ये खबर | Read this Carefully before paying the ‘Carry Bag’ to any Company

शौपिंग पर जाते समय अक्सर हम कैरीरबैग ले जाना भूल जाते है। इस दौरान हमें दुकानदार को कैरीरबैग के लिए अलग से पैसे चुकाने पड़ते है। हमेश हम कैरीरबैग के लिए अलग से पैसे दे आते है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हम इसके लिए पैसे क्यों देते है। इस बारे में भले ही आपने नहीं सोचा हो लेकिन चंडीगढ़ के एक कस्टमर ने जब ये पैसे चुकाए तो उसे बही बुरा लगा और उसने इसके खिलाफ आवाज भी उठाई।

दिनेश प्रसाद नाम के एक कस्टमर ने 5 फरवरी को चंडीगढ़ के सेटर 22 डी में बाटा स्टोर से जूते ख़रीदे। जूते के लिए दिनेश ने स्टोर को 402 रुपए का भुगतान किया, जिसमें 3 रुपए पेपर बैग के भी शामिल थे। दिनेश ने पेपर बैग के 3 रुपए के रिफंड को लेकर चंडीगढ़ उपभोक्ता फोरम में शिकायत की थी। हालांकि फोरम ने कंपनी को सेवा में कोताही का दोषी करार देते हुए उस पर जुर्माना लगाया है।

दिनेश के मुताबिक़ उन्होंने पेपर बैग के 3 रुपए रिफंड मांगे थे लेकिन कंपनी में पैसे देने से कर दिया। इस पर उन्होंने इसकी शिकायत उपभोक्ता फोरम में कर दी और कहा कि बाटा इंडिया ने पेपर बैग के लिए उनसे तीन रुपये अलग से लिए है जबकि इस बैग के माध्यम से बाटा अपने ब्रांड का प्रचार कर रही है यानी यह बैग ब्रांड का विज्ञापन है।

फोरम कोर्ट ने कहा

इस पर उपभोक्ता फोरम ने कहा कि ग्राहक को पेपर बैग के भुगतान के लिए मजबूर करना गलत है। ये कंपनी के खराब सर्विस को दर्शाता है। पेपर बैंग कंपनी को मुफ्त देना चाहिए। पेपर बैग के पैसे ग्राहक से नहीं लिए जाने चाहिए बल्कि सुविधा के लिए लिहाज से उसे बैग मुहैया कराना चाहिए।

फोरम ने कहा कि अगर कंपनियां सच में पर्यावरण के बारे में चिंतित हैं तो उन्हें अपने ग्राहकों को पर्यावरण के अनुकूल बैग देना चाहिए। फोरम ने अपने फैसले में बाटा लिमिटेड को पेपर बैग के पैसे लौटाने को कहा है। साथ ही 1000 हजार रुपए के अलावा मानिसक पीड़ा के लिए ग्राहक को 3 हजार रुपए के भुगतान के आदेश दिए है। इसके अलावा उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के लीगल एड अकाउंट में 5000 रुपये जमा करने का भी आदेश दिया है।

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