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सरहद पार भी मनाई जाती है बसंत पंचमी, ऐसी है परंपरा

Posted on: 10 Feb 2019 11:55 by Surbhi Bhawsar
सरहद पार भी मनाई जाती है बसंत पंचमी, ऐसी है परंपरा

वसंत ऋतु के आगमन की ख़ुशी में रविवार को बसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर ज्ञान की देवी मां सरस्वती के साथ प्रेम के देवता कामदेव की भी पूजा की जाती है। इस दिन पीले वस्त्र पहनने का भी महत्त्व है। वैसे तो वसंत पंचमी को उत्तर भारत का त्यौहार कहा जाता है लेकिन सरहद पार भी यह त्यौहार बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। जानिए कहां-कहां मनाया जाता है बसंत पंचमी का त्यौहार और क्या है इसकी परंपरा।

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पाकिस्तान में होती है पतंगबाजी

हमारे देश में तो मां सरस्वती की पूजा कर बसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जाता है लेकिन बहुत कम लोग जानते है कि पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में भी बसंत पंचमी बड़ी धूम-धाम से मनाई जाती है। वहां रहने वाले पंजाबियों के लिए यह ख़ास आयोजन होता है. इस मौके पर पतंगबाजी होती है। पतंगोत्सव के आयोजन में बहुत लोग इकठ्ठा होते है।

ख़ास बात यह है कि यहां कई जगह ऐसी है जहां मांझे से पतंग उड़ाना मना है। इसके पीछे की वजह आतंकी गतिविधिययां बताई जाती है। पाकिस्तान प्रशासन का मानना है कि पतंग उड़ानें में इस्तेमाल किए जाने वाले तारों में कुछ ऐसी चीज मिला देते है जो लोगों के लिए जानलेवा बन जाती थी। इसलिए इसे गैर इस्लामिक मानते हुए वहां के प्रशासन ने इसे प्रतिबंधित कर दिया था। लेकिन पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने इसे वापस शुरू कर दिया है। पतंगबाजी के अलावा यहां पीले फूलों की बारिश होती है।

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बांग्लादेश में होती है शिक्षा की शुरुआत

बसंत पंचमी का आयोजन बांग्लादेश में भी बड़े स्तर पर किया जाता है। ढाका यूनिवर्सिटी और रामकृष्ण मिशन में सरस्वती पूजा का आयोजन किया जाता है। इस त्यौहार का ख़ास उत्साह ढाकेश्वरी मंदिर और पुराने ढाका में देखने को मिलता है। शिक्षा की शुरुआत के लिए यह दिन बेहद शुभ माना जाता है। यहां रिवाज है कि बसंत पंचमी के दिन बच्चे को पहली बार पढना-लिखना सिखाया जाता है।

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