बाबा नागार्जुन सच्चे जनवादी कवि थे, अर्जुन राठौर की कलम से

0
38
tapan-bhoumik

प्रसिद्ध जनवादी कवि बाबा नागार्जुन का 5 नवंबर को महाप्रयाण हुआ था बाबा नागार्जुन सच्चे जन कवि थे उन्होंने कविता के माध्यम से जनता की आवाज को दूर-दूर तक पहुंचाया।

उनकी कविताओं में अवाम का दर्द झलकता था जयप्रकाश नारायण के आंदोलन में बाबा नागार्जुन ने अपनी कविताओं के माध्यम से लोक चेतना का एक ऐसा माहौल खड़ा किया कि पूरे देश में बाबा नागार्जुन की कविताओं को गाया जाने लगा।

हमारे हिंदी साहित्य में बाबा नागार्जुन जैसे बहुत कम जनकवि हुए जिन्हें जनता के बीच इतनी लोकप्रियता मिली और उन्होंने भी जनता की आवाज को पूरी सच्चाई के साथ अभिव्यक्त किया।

आज उनका स्मरण करते हुए लग रहा है कि उनकी कविताएं आज भी सार्थक है हमेशा नई पीढ़ी को एक नई प्रेरणा देती रहेंगी।

वरिष्ठ पत्रकार अर्जुन राठौर की कलम से

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here