अयोध्या फैसला: कौन है रामलला विराजमान? जिन्हे सुप्रीम कोर्ट ने माना विवादित जमीन का मालिक

दशकों से लंबित पड़े श्रीराम जन्मभूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की पीठ ने राम जन्मभूमि के पक्ष में फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में मुस्लिम पक्ष को दूसरी जगह 5 एकड़ जमीन देने का आदेश दिया गया है, वहीं सरकार को ट्रस्ट बनाकर मंदिर बनाने का आदेश दिया गया है।

0
26
ramnagri

नई दिल्ली। दशकों से लंबित पड़े श्रीराम जन्मभूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की पीठ ने राम जन्मभूमि के पक्ष में फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में मुस्लिम पक्ष को दूसरी जगह 5 एकड़ जमीन देने का आदेश दिया गया है, वहीं सरकार को ट्रस्ट बनाकर मंदिर बनाने का आदेश दिया गया है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला इलाहबाद हाईकोर्ट द्वारा 2010 में दिए गए फैसले के खिलाफ दायर की गई याचिकाओं पर सुनाया है।

कोर्ट ने अपने फैसले में विवादित जमीन पर रामलला का हक बताया है और वहां पर श्री राम मंदिर निर्माण की बात कही है। हालांकि कोर्ट ने येभी कहा है कि मुस्लिमों को दूसरे स्थान पर मस्जिद बनाने के लिए जमीन दिए जाने की बात भी कही है।

रामलला को माना विवादित जमीन का मालिक

शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में रामलला को अयोध्या में विवादित जमीन का मालिक माना है। बता दे कि रामलला संस्था और ट्रस्ट में से कोई नहीं है। जमीन का मालिक स्वयं भगवान श्री राम के बालस्वरूप को माना गया है। कोर्ट ने रामलला को लीगल इन्टिटी माना है और जमीन का मालिकाना हक उन्हे दिया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here