अयोध्या पर फैसले से पहले अलर्ट पर पूरा देश, अंबेडकरनगर में बनी 8 अस्थाई जेल

अयोध्या से जुड़े किसी भी आयोजन पर रोक लगा दी है और कई जिलों में धरा 144 लागू कर दी गई है। प्रशासन भी इस मामले पर सख्ती बरत रहा है।

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Ayodhya Alert

अयोध्या: अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट जल्द ही फैसला सुना सकता है। इस फैसले से पहले देशभर में अलर्ट जारी कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश में इसको लेकर ख़ास तैयारियां की गई है। जगह-जगह सुरक्षा के कड़े इंतजाम है। अयोध्या से जुड़े किसी भी आयोजन पर रोक लगा दी है और कई जिलों में धरा 144 लागू कर दी गई है। प्रशासन भी इस मामले पर सख्ती बरत रहा है।

फैसले के बाद देश में शांति कायम रहे इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सांसदों और मंत्रियों को क्षेत्र में रहने का निर्देश जारी किया है। अयोध्या से सटे अंबेडकरनगर के कई स्कूलों में 8 अस्थायी जेल बनाई गई है। प्रशासन हर तरह से प्रयास कर रहा है जिससे फैसले के बाद देश में अमन कायम रहे। प्रशासनिक अधिकारी अलग-अलग शहरों में सभी धर्मों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें करके शांति का संदेश दे रहे हैं।

सोशल मीडिया पर ख़ास नज़र

इतना ही नहीं सरकार सोशल मीडिया पर भी पहरा दे रही है। सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए टीम बना दी गई है। डीजीपी मुख्यालय पर सोशल मीडिया मॉनीटर टीम बनाई गई है, जो साइबर क्राइम के आईजी अशोक कुमार सिंह की अगुवाई में काम करेगी। टीम की जिम्मेदारी सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों को चिन्हित करना है। इस टीम ने पिछले 15-20 दिनों में 72 लोगों को गिरफ्तार किया है।

सोशल मीडिया पर कुछ गाइडलाइन जारी की गई है। इस गाइडलाइन के तहत फैसले के खिलाफ या समर्थन में जश्न मनाने वाले पोस्ट या मैसेज भेजने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ ही शहरों में अयोध्या से जुड़े भी कोई भी बैनर पोस्टर नहीं लगाए जाएंगे। अयोध्या पुलिस ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पर नजर रखने के लिए 16 हजार स्वयंसेवियों को तैनात किया है।

पुलिस अफसरों की छुट्टियां रद्द

अयोध्या फैसले को लेकर योगी सरकार ने पुलिस प्रशासन के सभी अफसरों की छुट्टियां 30 नवंबर तक के लिए रद्द कर दी हैं। उन्हें मुख्यालय में ही रहने के निर्देश जारी किया है। अयोध्या में चप्पे-चप्पे पर पुलिस फ़ोर्स तैनात की गई है। इसके साथ ही प्रदेश के संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर लिया गया है। हर जिले में उन लोगों की पहचान की जा रही है, जो सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ सकते हैं।

शाहजहांपुर के डीआईजी ने साफ लफ्ज़ों में कहा कि अराजक तत्वों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने शहर के लोगों से शांति की अपील भी की। प्रयागराज में भी पुलिस के आला अधिकारियों ने मुस्लिम धर्मगुरुओं और सनातम धर्म को मानने वाले गुरुओं के साथ बैठकें कीं। दोनों वर्गों से प्रशासन ने शहर की शांति व्यवस्था कायम रखने की अपील की।

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