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अयोध्या मामला : रविशंकर को मध्यस्थ सदस्य बनाए जाने पर ओवैसी का सवाल | Ayodhya case Owaisi questioned if Ravi Shankar becomes intermediary member

Posted on: 08 Mar 2019 18:13 by mangleshwar singh
अयोध्या मामला : रविशंकर को मध्यस्थ सदस्य बनाए जाने पर ओवैसी का सवाल | Ayodhya case Owaisi questioned if Ravi Shankar becomes intermediary member

अयोध्या में राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए मध्‍यस्‍थता के आदेश दे दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए पैनल गठित करने के आदेश दिए हैं। इस मामले में AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि बेहतर होता कि SC ने किसी न्यूट्रल व्यक्ति को मध्यस्थ बनाया होता।

उन्होंने कहा, ‘श्री श्री का 4 नवंबर 2018 का ऑन रिकॉर्ड स्टेटमेट हैं, जिसमें वह कहते हैं कि अगर मुसलमान अयोध्या पर अपना दावा नहीं छोड़ते हैं तो भारत सीरिया बन जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अब सुप्रीम कोर्ट ने श्री श्री रविशंकर को मध्यस्थ बनाया है तो उन्हें न्यूट्रल रहना होगा।

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ओवैसी ने कहा कि मेरी पार्टी का स्टैंड यह है कि एक मध्यस्थ का विवादित बयान है तो उसे मध्यस्थ नहीं बनाया जाना चाहिए था लेकिन अब हम उम्मीद करते हैं कि श्री श्री अपने पुराने बयान को अपने दिमाग से निकाल देंगे। उन्होंने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के किसी सदस्य को मध्यस्थ नहीं बनाए जाने के सवाल पर कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट का अधिकार है कि वह किसे मध्यस्थ नियुक्त करता है।

 श्री श्री रविशंकर ने ट्वीट कर कहा

फैसले पर पहली प्रतिक्रिया देते हुए श्री श्री ने कहा कि सदियों से जारी संघर्ष को समाप्त करना ही हम सबका लक्ष्य होना चाहिए। आपको बता दें कि श्री श्री के अलावा पैनल में जस्टिस एफएम कलीफुल्ला और श्रीराम पांचू शामिल हैं। श्री श्री रविशंकर ने ट्वीट कर कहा, ‘सबका सम्मान करना, सपनों को साकार करना, सदियों के संघर्ष का सुखांत करना और समाज में समरसता बनाए रखना- इस लक्ष्य की ओर सबको चलना है।

मायावती ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत

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अयोध्या में राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए मध्‍यस्‍थता के आदेश दे दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए पैनल गठित करने के आदेश दिए हैं। इस मामले में बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है।
फैसला आने के बाद मायावती ने ट्वीट करके कहा कि अयोध्या मामले का सभी पक्षों को स्वीकार्य तौर पर निपटारे के लिये माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैज़ाबाद में बंद कमरे में बैठकर मध्यस्थता कराने का जो आदेश आज पारित किया है वह नेक नीयत है। बहुजन समाज पार्टी उसका स्वागत करती है।

मध्‍यस्‍थता बोर्ड में तीन सदस्‍य शामिल

मध्‍यस्‍थता बोर्ड के अध्‍यक्ष कलिफुल्‍लाह होंगे जिसमें तीन सदस्‍यों को शामिल किया गया है। मध्‍यस्‍थता बोर्ड के सदस्‍यों में श्री श्री रविशंकर के साथ ही श्रीराम पंचू को भी शामिल किया गया है। अगले हफ्ते मध्यस्थता की बैठक फैजाबाद में होगी। जिसके बाद आठ हफ़्तों में सुलह की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी जाएगी।

हालही में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की 5 सदस्यीय बेंच ने सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद मध्यस्थता के लिए नाम सुझाने को कहा था। सुनवाई के दौरान जस्टिस बोबडे ने कहा था कि इस मामले में मध्यस्थता के लिए एक पैनल का गठन होना चाहिए।

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