अयोध्या मामला : मुस्लिमों ने कभी नहीं छोड़ी मस्जिद, हिंदू ही बाहर कर रहे थे पूजा

दशकों से लंबति पड़े श्रीराम जन्मभूमि विवाद मामले के लिए 9 नवंबर का ऐतिहासिक दिन है सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की पैनल ने राम जन्मभूमि के पक्ष में फैसला सुना दिया है।

0
28
ayodhya

नई दिल्ली। दशकों से लंबति पड़े श्रीराम जन्मभूमि विवाद मामले के लिए 9 नवंबर का ऐतिहासिक दिन है। सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की पैनल ने राम जन्मभूमि के पक्ष में फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि मुस्लिम पक्ष को दूसरी जगह 5 एकड़ जमीन देने का आदेश दिया गया है, वहीं सरकार को ट्रस्ट बनाकर मंदिर बनाने का आदेश गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला इलाहबाद हाईकोर्ट द्वारा 2010 में दिए गए फैसले के खिलाफ दायर की गई याचिकाओं पर सुनाया है।

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा, विवादित रामजन्म भूमि पर सदियों से रामलला की पूजा अर्चना की जा रही थी। खुदाई के दौरान मिले ऐतिहासिक और धार्मिक सबूतों के आधार पर ये साबित होता हैं की वह जमीन हिन्दू धार्मिक स्थल रहा हैं। हालांकि 6 दिसंबर 1992 को विवादित स्थल पर बनी बाबरी मस्जिद को गिराना कानून व्यवस्था का उल्लंघन हैं।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा की यह स्पष्ट है कि मुस्लिम अंदर नमाज पढ़ा करते थे और हिंदू बाहरी परिसर में पूजा किया करते थे। हालांकि हिंदुओं ने गर्भगृह पर भी अपना दावा कर दिया। जबकि मुस्लिमों ने मस्जिद को छोड़ा नहीं था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here