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राष्ट्रीय मुद्दों के इर्द-गिर्द तीन प्रदेशों का चुनाव

Posted on: 27 Oct 2018 16:30 by Surbhi Bhawsar
राष्ट्रीय मुद्दों के इर्द-गिर्द तीन प्रदेशों का चुनाव

मुकेश तिवारी
([email protected])

तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में स्थानीय मुद्दों पर राष्ट्रीय मुद्दे साफ तौर पर हावी होते नजर आ रहे हैं। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही चुनावी रणभूमि में देश के बड़े मुद्दों पर ही दो-दो हाथ करना चाहते हैं। भाजपा शायद इससे बहुत खुश भी हो कि तीनों प्रदेशों के कथित घपले-घोटालों के मुद्दों से दूर जाकर कांग्रेस राफेल डील, सीबीआई और राम मंदिर जैसे मुद्दों को ही ज्यादा उठा रही है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के ताजा चुनावी भाषण सुनिए। भाजपा-कांग्रेस के प्रवक्ता और नेताओं के शब्द वार, पलटवार पर ध्यान दीजिए। लगेगा कि वह 2018 के इस चुनावी सेमीफाइनल पर नहीं 2019 के फाइनल पर अधिक ध्यान केंद्रित किए हुए हैं।

राहुल गांधी ने राफेल डील को मानो रट लिया है और ‘चौकीदार चोर’ का नारा उन्हें और उनके तमाम पार्टी नेताओं को खूब रास आ रहा है। अब सीबीआई के डायरेक्टर को रातों-रात छुट्टी पर भेजे जाने का मुद्दा भी कांग्रेस ने लपक लिया है। राहुल और कांग्रेस के दूसरे नेता हर चुनावी सभा, रैली और रोड शो में स्थानीय मुद्दों की बजाए इन्हीं राष्ट्रीय मुद्दों को ज्यादा उठा रहे हैं। वह खूब जानते हैं कि मोदी की मिस्टर क्लीन की छवि को कटघरे में खड़ा करके चुनावी लाभ लिया जा सकता है। राहुल राफेल डील पर जब भी बात करते हैं तो वह अनिल अंबानी का जिक्र प्रमुखता से करते हैं। यह भी आरोप लगाते हैं कि मोदी ने अंबानी को बड़ा फायदा पहुंचाया है। कांग्रेस देश के आम लोगों के गले शायद यह बात उतारना चाहती है कि मोदी और उनकी सरकार बड़े लोग की हमदर्द है और गरीबों की गाढ़ी कमाई का पैसा अमीरों की जेब में डाल रही है।

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दूसरी ओर भाजपा राहुल गांधी, सोनिया गांधी को पुराने भ्रष्टाचार की याद दिलाने में जुटी है। उसके नेताओं को शायद यह शब्द कंठस्थ हो चला है कि कांग्रेस ने इतने साल देश में सत्ता में रहते कुछ नहीं किया। वह नेशनल हेराल्ड मामले में भ्रष्टाचार को भी मुद्दा बनाने की कोशिश में है। वह देश के लोगों को यह विश्वास दिलाने में जुटी है कि राफेल में कोई घोटाला नहीं हुआ है। राहुल गांधी और कांग्रेस इस मामले में झूठ बोल रही है।

हिंदी भाषी राज्यों में चुनाव है इसलिए राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर सीना तानकर उसके नेता संकल्प व्यक्त कर रहे हैं। रैली और सभा में मोदी विकास की बात करते हैं पर साथ ही यह याद दिलाना नहीं भूलते कि भाजपा के सत्ता में रहते ही यह संभव है। अमित शाह अपने भाषण में घुसपैठ को भी मुद्दा बना रहे हैं। कुल मिलाकर तीनों राज्यों का चुनाव राष्ट्रीय मुद्दों पर टर्न हो गया है। कांग्रेस तीन राज्यों में भाजपा सरकारों से उतनी ताकत से हिसाब शायद अभी तक नहीं मांग पाई है जितनी ताकत से मांगना चाहिए।

लेखक वरिष्ठ पत्रकार और Ghamasan.com के संपादक है।

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