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मौत से लड़ाई लड़ रहा है भारत का ये ‘अर्जुन’, बना चुके है वर्ल्ड रिकॉर्ड | Archery Legend Limba Ram is suffering from Neuro Degenerative Disease

Posted on: 08 May 2019 18:43 by Surbhi Bhawsar
मौत से लड़ाई लड़ रहा है भारत का ये ‘अर्जुन’, बना चुके है वर्ल्ड रिकॉर्ड | Archery Legend Limba Ram is suffering from Neuro Degenerative Disease

नई दिल्ली: हम बात कर रहे है राजस्थान के सारादीत गांव में 30 जनवरी, 1972 में जन्मे लिम्बा राम के बारे में। लिम्बा राम एक आदिवासी होने के कारण काफी गरीब परिवार से थे। जिस कारण वें पशु-पक्षियों को मारकर अपना आमदनी करते थे इसलिए तीरदांजी में वें काफी अच्छे थे। पद्मश्री और अर्जुन अवार्ड से नवाजे गए भारतीय तीरंदाज लिम्बा राम को भारत का “अर्जुन” भी कहा जाता है। बता दे कि लिम्बा राम भारत की तरफ से तीन बार ओलंपिक खेले हुए है।

बता दे कि लिम्बा राम अभी न्यूरोलॉजिकल की बीमारी के कारण दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती है जहाँ उनका उपचार किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक कुछ डॉक्टर्स को ऐसा भी लग रहा है की लिम्बा राम पार्किंसन रोग से भी झूझ रहे है। बता दे कि डॉक्टर ने बताया है की इनकी बीमारी ठीक तो नहीं हो सकती है लेकिन इसे रोका जा सकता है। भारत के खेल मंत्री राजयवर्धन सिंह राठौड़ ने इन्हे उपचार के लिए 5 लाख रुपए की मदद भी दी है।

माने जाते है भारत के सर्वश्रेष्ठ तीरंदाज

लिम्बा राम ने कई अन्तर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में भाग लिया और भारत को कई पदक भी दिलवाए है। गौरतलब है की लिम्बा राम भारत के पहले ऐसे खिलाड़ी है जिन्होंने ओलंपिक में भारत के लिए कांस्य पदक जीते-जीते रह गए थे। बता दे कि लिम्बा राम ने 1992 में बीजिंग में आयोजित हुई एशिया तीरंदाजी प्रतियोगिता में वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की थी। गौरतलब है कि लिम्बा राम ने भारत की तरफ से 3 बार ओलंपिक खेला है।

एक फूटबाल मैच ने खराब की थी जिंदगी

गौरतलब है कि 1996 में कोलकाता में मौजूद ट्रैनिंग कैंप में एक फूटबाल मैच खेलते हुए कंधे पर एक बहुत ही गंभीर चोट लगी थी जिस कारन से उनका तीरंदाजी करना तो दूर वें नौकरी भी नही कर पा रहे थे। इस चोट के कारण उनका तीरदांजी का करियर लगभग खत्म हो गया था। इसके बाद वें एक नेशनल टूर्नामेंट में उतरे इसमें भी वें 16वें स्थान पर रहे थे।

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