छीन गया इंदौर के गरीबो का एक और सस्ता मनोरंजन

रीगल टॉकीज एकमात्र शहर का ऐसा टॉकीज बचा था जो शहर के अन्य सुविधा युक्त मल्टीप्लेक्स को नई फिल्में लगाकर लगाटर टक्कर दे रहा था ।

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इंदौर: अब शहर के गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को नई फिल्म देखने को नहीं मिल पाएगी। कारण है कि शहर का वह रीगल टाकीज जो आज भी 30 रु में स्टाल 50 रु में डीसी और 70 रु में बालकनी में प्रतिदिन नई फिल्म दिखाता था वह आज से बंद हो गया है। अब अगर गरीबो और मध्यम वर्ग को नई फिल्म देखना हो तो मल्टीप्लेक्स में डेढ़ सौ से 500 रुपए तक खर्च करने होंगे।

रीगल टॉकीज एकमात्र शहर का ऐसा टॉकीज बचा था जो शहर के अन्य सुविधा युक्त मल्टीप्लेक्स को नई फिल्में लगाकर लगाटर टक्कर दे रहा था । आज रीगल टॉकीज नगर निगम की टेढ़ी नजर की बलि चल गया। बताया जाता है कि डॉक्टर उमा शशी शर्मा के महापौर रहते उक्त टॉकीज की लीज निरस्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई थी।

हालांकि लीज धारक रीगल टॉकीज प्रबंधन ने कभी भी प्लीज शर्तों का उल्लंघन नहीं किया। वही इस भूमि पर निगम द्वारा कभी भी कोई भी योजना प्रस्तावित नहीं की गई। इसके बावजूद भी नगर निगम रीगल टॉकीज की लीज निरस्त करने पर आमादा रहा। बेहतर होता कि नगर निगम इस टाकीज को बंद करने के बजाय अपने अधीन लेकर शहर के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को सिनेमा दिखाना जारी रखता। लेकिन निगम ने ऐसा न करते हुए आज सुबह रीगल टॉकीज पर ताले जड़ दिए और आज से ही इस टाकीज का पर्दा हमेशा के लिए बंद हो गया।

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