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स्टरलाईट कम्पनी के मालिक अनिल अग्रवाल ब्रिटिश नागरिक है, इसकी मूल कम्पनी वेदांता है, राजेन्द्र सिंह की टिप्पणी

Posted on: 24 May 2018 10:30 by Ravindra Singh Rana
स्टरलाईट कम्पनी के मालिक अनिल अग्रवाल ब्रिटिश नागरिक है, इसकी मूल कम्पनी वेदांता है, राजेन्द्र सिंह की टिप्पणी

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से करीब 600 किलोमीटर दूर तूतीकोरिन में वेदांता की स्टरलाईट कम्पनी है. ये कंपनी यहां कॉपर गलाने वाला दुनिया का सबसे बड़ा प्लांट चलाती है. यह प्लांट हर साल 4,38,000 टन कॉपर पैदा करती है. प्रतिदिन के हिसाब से इसकी 1200 टन कॉपर की पैदा करने की क्षमता है.

इस प्लांट के आसपास 10 किलोमीटर के क्षेत्र में करीब 4.6 लाख लोग, आठ कस्बे और 27 गांव हैं. विकास के नाम पर यहां रहने वाले 4.6 लाख लोगों के फेफड़े में लगातार जहर भरा जा रहा था. प्लांट की वजह से वायु प्रदूषण फैल चुका है. लोग कई तरह की बीमारियों का शिकार हो चुके हैं.

सरकार को इससे कोई मतलब नहीं है. नेता और पुलिस अधिकारी इस कम्पनी से बड़ी रिश्वतें लेते हैं. ये सारा खेल जनता को विकास का चरस सुंघा कर खेला जाता है.

पहले से ही वायु प्रदूषण की मार झेल रहे स्थानिय लोगों को जब पता चला की स्टरलाईट एक और प्लांट लगाने जा रही है तो वो डर गए. लोगों ने प्रदर्शन शुरू किया.

क्या आपको पता है आम जनता का ये प्रदर्शन पिछले 100 दिनों से चल रहा है?
क्या किसी टीवी चैनल में आपने इसके बारे में सुना, देखा?
क्या कोई एंकर इसपर बात करते हुए दिखा?

12 फरवरी को प्रदर्शनकारी तूतीकोरिन पहुंचे.
24 मार्च को करीब दो लाख लोग प्रदर्शन में शामिल हुए.
दो लाख लोग, क्या अपने इन दो लाख लोगों की आवाज अपने टीवी पर सुनी?
अगर नहीं सुनी मरने के लिए तैयार रहिए. आप भी मारे जाएंगे और कोई भी दूसरा आपकी आवाज नहीं सुनेगा.

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